Home Loan Tips: ऑफर्स के लालच में आकर होम लोन ले रहे हैं, तो नियम और शर्तों को अच्छे से पढ़ लें। इन ऑफर्स में कुछ चार्जेज छिपे होते हैं, जो बाद में आपको भारी पड़ सकते हैं।
Home Loan Tips: अपना घर हर किसी का सपना होता है, लेकिन आज के समय में घर खरीदना पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा महंगा और चुनौतीपूर्ण हो गया है। बीते कुछ वर्षों में प्रॉपर्टी की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। ऐसे में अधिकतर लोग घर खरीदने के लिए होम लोन का सहारा लेते हैं। होम लोन आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा और लंबी अवधि का कर्ज होता है। अगर आप नौकरीपेशा हैं और पहले से कोई बड़ा कर्ज नहीं है, तो आपको आसानी से होम लोन मिल सकता है। हालांकि, होम लोन लेते समय कुछ अहम बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। सही तैयारी से आप लाखों रुपये के ब्याज की बचत कर सकते हैं।
होम लोन के लिए क्रेडिट स्कोर सबसे अहम फैक्टर होता है। बेसिक होम लोन के फाउंडर अतुल मोंगा के मुताबिक, क्रेडिट स्कोर यह तय करता है कि आपको लोन मिलेगा या नहीं और अगर मिलेगा तो किस ब्याज दर पर। उन्होंने बताया कि जिन ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है, उन्हें बैंक कम ब्याज दर पर लोन ऑफर करते हैं। इसलिए होम लोन के लिए आवेदन करने से पहले अपनी क्रेडिट रिपोर्ट जरूर जांच लें। अगर किसी तरह की गलती या बकाया रकम हो, तो उसे समय रहते ठीक कर लें।
बैंक आमतौर पर आपकी मासिक आय के करीब 50 फीसदी तक रकम के बराबर ईएमआई वाला लोन दे देते हैं। लेकिन अगर आपके ऊपर पहले से पर्सनल लोन, कार लोन या क्रेडिट कार्ड का बकाया है, तो आपका डेट-टू-इनकम रेश्यो बिगड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, होम लोन लेने से पहले अपने पुराने लोन चुकाने की कोशिश करें। इससे न केवल आपको ज्यादा रकम का लोन मिल सकेगा, बल्कि ब्याज दर भी किफायती हो सकती है।
बैंक घर की कीमत का करीब 90 फीसदी तक होम लोन दे देते हैं, लेकिन जितना ज्यादा डाउन पेमेंट आप करेंगे, उतना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ज्यादा डाउन पेमेंट देने से लोन की रकम कम होगी, जिससे कुल ब्याज भी काफी घट जाएगा। इसके अलावा, आपकी ईएमआई भी कम बनेगी और लंबे समय तक कर्ज का बोझ उठाने से राहत मिलेगी।
फेस्टिव सीजन में कई बैंक जीरो प्रोसेसिंग फीस और कम ब्याज दर जैसे आकर्षक ऑफर्स लेकर आते हैं। लेकिन इन ऑफर्स के पीछे कई छिपे हुए चार्ज भी हो सकते हैं, जैसे- बीमा अनिवार्य करना, प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर फीस, स्टेप-अप ईएमआई जैसी शर्तें। इसलिए किसी भी ऑफर को चुनने से पहले उसकी शर्तें ध्यान से पढ़ें और यह समझें कि इनका आपकी ईएमआई और कुल भुगतान पर क्या असर पड़ेगा।