केंद्र सरकार ने रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स मामलों में चुकाई गई टैक्स की रकम को बिना इंटरेस्ट के लौटाने का प्रपोजल दिया है। इसका तत्काल लाभ वीआई को मिला और कंपनी के शेयरों में आज 19 फीसदी उछाल देखने को मिला।
नई दिल्ली। देश की टॉप टेलीकॉम कंपनियों में से एक घाटे में चल रही वोडाफोन आइडिया ( Vodafone-Idea ) के लिए कुमार मंगलम बिड़ला का इस्तीफा देना बड़ा झटका साबित हुआ था। इसका सीधा असर यह हुआ कि गुरुवार को वीआई ( Vi ) के शेयरों में 25 फीसदी से ज्यादे की गिरावट आई थी। लेकिन शुक्रवार को अचानक वोडाफोन आइडिया के शेयरों में जबरदस्त 19 प्रतिशत का उछाल सभी के लिए चौंकाने वाला रहा। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार ( Central Government ) के इनकम टैक्स कानून ( Income Tax Law ) में संशोधन कर रेट्रोस्पेक्टिव टैक्सेशन ( retrospective taxation ) को समाप्त करने के फैसले की वजह से ये राहत मिली है।
इतना ही नहीं, आज वीआई के शेयरों की कीमत बढ़ी है। वोडाफोन आइडिया का शेयर लगभग 19 प्रतिशत की तेजी के साथ 7.04 रुपए पर पहुंच गया। गुरुवार को 5.94 रुपए पर बंद हुआ था।
दरअसल, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में टैक्सेशन लॉज ( अमेंडमेंट ) बिल पेश किया था। गुरुवार को ही केंद्रीय कैबिनेट ने इस कानून को रद्द करने का फैसला लिया था। इसका मकसद 2012 के कानून के तहत भारतीय एसेट्स से जुड़ी विदेशी ट्रांजेक्शंस पर टैक्स लगाना था। इसमें पिछली तारीख से भी टैक्स लगाया जा रहा था। इसके विरोध में केयर्न और वोडाफोन ग्रुप सहित कुछ कंपनियों ने विदेश में आब्रिट्रेशन के मामले भी दायर किए थे। इनमें से कुछ मामलों में सरकार को हाल ही में हार का सामना करना पड़ा है।
सरकार के फैसले से Vi को मिली राहत
मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को सरकार ने टैक्सेशन लॉज ( अमेंडमेंट ) बिल को रद्द करने का फैसला लिया। गुरुवार को ही संशोधित विधेयकों को लोकसभा में पेश भी कर दिया गया। ताजा अपडेट के मुताबिक संशोधित बिल में चुकाई गई टैक्स की रकम को बिना इंटरेस्ट के लौटाने का भी प्रपोजल है। इससे वीआई को तत्काल राहत मिली है। दूसरी तरफ वोडाफोन आइडिया के लेंडर्स अपने कर्ज को इक्विटी के जरिए चुकाने की योजना पर विचार कर रहे हैं। इससे कंपनी के प्रमोटर्स Vodafone PLC और आदित्य बिड़ला ग्रुप की हिस्सेदारी काफी कम हो जाएगी।
बता दें कि चार अगस्त को उद्योगपति इंडस्ट्रियलिस्ट कुमार मंगलम बिड़ला ने वोडाफोन आइडिया के नॉन-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर इस्तीफा दे दिया था। बिड़ला ने इससे पहले कंपनी में अपनी हिस्सेदारी किसी सरकारी या प्राइवेट सेक्टर की कंपनी को देने की पेशकश की थी। इस बारे में बिड़ला ने कैबिनेट सेक्रेटरी को एक पत्र लिखा था।