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Crude Oil India: ईरान संकट के बीच भारत ने बदली ट्रेड रणनीति, इन देशों से बढ़ाया गैस और तेल का इंपोर्ट

India Oil Import: बढ़ते ईरान अमेरिका युद्ध के बीच भारत ने रूस से कच्चे तेल के आयात में इजाफा किया है। इसके साथ ही 7 साल बाद ईरन से कच्चा तेल मंगाया है।
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Apr 14, 2026
India Russia oil imports
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India energy security: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने से तेल की सप्लाई पर संकट है। ऐसे में भारत ने अपनी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए किसी एक देश, एक रास्ते या एक क्षेत्र पर निर्भर न रहकर सप्लाई चेन को दुनिया भर में फैला दिया है। भारत ने फिर रूस से कच्चे तेल की खरीद तेज कर दी है।

मार्च में रूस से तेल आयात 90 प्रतिशत बढ़कर प्रति दिन 20 बैरल के 10 माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं अप्रैल में रोज 16 लाख बैरल रूसी तेल खरीदा। नायरा एनर्जी रिफाइनरी में मरम्मत चल रही है, इसलिए अप्रेल में रूस से तेल खरीद कुछ घटी है। भारत ने महंगी स्पॉट गैस की ओर भी रुख किया है और अमरीका, ओमान और नाइजीरिया से आयात बढ़ाया है।

खरीद रहे महंगी स्पॉट गैस

केंद्रीय तेल मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, भारत की पहली प्राथमिकता अपनी घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। वैकल्पिक आपूर्ति ने तत्काल राहत दी है, लेकिन यह आपातकालीन रणनीति महंगी साबित हो रही है, क्योंकि स्पॉट गैस की कीमतें दीर्घकालिक अनुबंधों की तुलना में काफी अधिक हैं।

देशबदलाव (%)
यूएई-93%
कतर-54%
अमेरिका+37%
ओमान+66%
नाइजीरिया+62%
अंगोला+47%
इन देशों से गैस खरीद में बदलाव

मार्च में प्राकृतिक गैस की औसत कीमत 20 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू तक पहुंच गई, जो जनवरी 2023 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह संकट उपलब्धता का नहीं, बल्कि ऊंची कीमतों का है। कतर में गैस संयंत्र की मरम्मत में पांच साल तक लगने की आशंका है, साथ ही होर्मुज बाधाओं से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर दबाव बना हुआ है।

एनर्जी सिक्योरिटी के लिए ये कदम उठाए

क्रूड ऑयलः भारत ने रूस से प्रति दिन 20 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया। अप्रेल के लिए भी जबरदस्त खरीदारी। साथ ही वेनेजुएला और अमरीका से भी आयात बढ़ाया। रूस से आयात बढ़ाने के लिए चेन्नई-व्लाडियोस्टोक ईस्टर्न मैरीटाइम कॉरिडोर को शुरू किया जा रहा।

एलपीजीः भारत ने अमरीका के गल्फ कोस्ट से एलपीजी का आयात बढाया है। कनाडा से भी लॉन्ग टर्म समझौते की बातचीत चल रही है। ऑस्ट्रेलिया ने एलएनजी सप्लाई बढ़ाने का आश्वासन दिया है। रूस ने भी सस्ते गैस की पेशकश की है। घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया है।

उर्वरकः पहले खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में सल्फर, यूरिया आते थे। भारत ने अब कनाडा, जॉर्डन व मोरोक्को जैसे देशों से समझौते किए हैं। भारत ने इन देशों से उर्वरक आयात में 13 प्रतिशत की वृद्धि की है। साथ ही नैनो यूरिया- डीएपी का उत्पादन बढ़ा दिया है।

7 साल बाद भारत पहुंचा ईरानी तेल: अमरीकी छूट का फायदा उठाते हुए भारत ने 7 साल बाद ईरान से कच्चा तेल मंगाया है। गुजरात के सिक्का और ओडिशा के पारादीप बंदरगाहों पर दो सुपरटैंकर पहुंचे हैं, जिनमें कुल 40 लाख बैरल तेल है। 2019 में प्रतिबंधों के कारण बंद हुए आयात के बाद यह पहली बड़ी खेप है।

Updated on:
14 Apr 2026 02:09 pm
Published on:
14 Apr 2026 02:09 pm