
Petrol Diesel Price On 22 June 2026: हिजबुल्लाह द्वारा इजरायल पर हमले जारी रखने के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी। इसके बाद सोमवार को ऑयल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 2.2 फीसदी उछल गया और 82.30 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया। इसके साथ ही WTI क्रूड 78 डॉलर प्रति बैरल तक चढ़ गया। हालांकि, कुछ देर बाद ही क्रूड के दामों में फिर से गिरावट आ गई और यह 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे ट्रेड करता दिखाई दिया।
भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रूस से कच्चे तेल की खरीद में बड़ा इजाफा किया है। ट्रेड इंटेलिजेंस फर्म कैपलर के डेटा के अनुसार, जून में भारत का रूसी तेल आयात करीब 40 प्रतिशत बढ़कर 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया, जिससे रूस की हिस्सेदारी कुल आयात में लगभग 50 प्रतिशत हो गई है।
मिडिल ईस्ट से भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता रहा है। ऐसे समय में जब होर्मुज के आसपास तनाव बना हुआ है, भारतीय रिफाइनरियां सस्ते और स्थिर आपूर्ति वाले रूसी तेल पर अधिक भरोसा कर रही हैं। रूस से मिलने वाला कच्चा तेल फिलहाल ब्रेंट क्रूड के मुकाबले 4 से 5 डॉलर प्रति बैरल सस्ता है। फरवरी में अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण रूसी आपूर्ति प्रभावित हुई थी, लेकिन इसके बाद मिली छूट से रूस लगातार भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना हुआ है।
| रैंक | देश | भारत को आपूर्ति (बैरल प्रतिदिन) |
|---|---|---|
| 1 | रूस | 26.6 लाख बैरल प्रतिदिन (2.66 mbpd) |
| 2 | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | 6.36 लाख बैरल प्रतिदिन (636,000 bpd) |
| 3 | सऊदी अरब | 3.84 लाख बैरल प्रतिदिन (384,000 bpd) |
| शहर | पेट्रोल कीमत (रु./लीटर) | डीजल कीमत (रु./लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.47 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| चेन्नई | ₹107.87 | ₹99.65 |
| गुरुग्राम | ₹102.80 | ₹95.47 |
| नोएडा | ₹102.09 | ₹95.54 |
| बेंगलुरु | ₹110.61 | ₹98.54 |
| भुवनेश्वर | ₹109.03 | ₹100.74 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹113.35 | ₹98.39 |
| लखनऊ | ₹101.92 | ₹95.41 |
| पटना | ₹113.54 | ₹99.54 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.00 | ₹104.41 |
भारत सालाना लगभग 123 अरब डॉलर का कच्चा तेल आयात करता है। अनुमान है कि कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल 1 डॉलर की वृद्धि से देश का आयात बिल करीब 18,000 करोड़ रुपये बढ़ सकता है। इक्रा लिमिटेड में कॉरपोरेट रेटिंग्स के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट और को-ग्रुप हेड प्रशांत वशिष्ठ का मानना है कि रूस भारत की तेल जरूरतों का अहम स्रोत बना रहेगा। संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब भी महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता हैं, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के कारण वैकल्पिक निर्यात मार्गों का उपयोग बढ़ रहा है।