कारोबार

चीन, यूके, फ्रांस सब छूटे पीछे, अमेरिका में सबसे ज्यादा 96 यूनिकॉर्न कंपनियों के फाउंडर हैं भारतीय मूल के लोग

US Unicorn Startups: अमेरिका की अरबों डॉलर मूल्य वाली स्टार्टअप कंपनियों के संस्थापकों में भारतीय मूल के उद्यमी सबसे आगे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 96 अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों की नींव भारतीयों ने रखी है।
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Jun 05, 2026
US Unicorn Startups
यूएस में 96 यूनिकॉर्न कंपनियों के फाउंडर भारतीय हैं। (PC: AI)

Indian Founders in US: दुनियाभर में भारतीय टैलेंट की चर्चा होती है। अरबों डॉलर की कंपनियां खड़ी करने की बात हो, तो भारतीय मूल के उद्यमी सबसे आगे रहते हैं। अमेरिका से आई एक रिपोर्ट तो हर किसी को चौंका रही है। अमेरिका के यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स की दुनिया में भारत ने बाकी सभी देशों को काफी पीछे छोड़ दिया है। नेशनल फाउंडेशन फॉर अमेरिकन पॉलिसी (NFAP) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की 96 यूनिकॉर्न कंपनियों के पीछे भारतीय मूल के फाउंडर्स का हाथ है। यह आंकड़ा किसी भी दूसरे देश से काफी ज्यादा है। यूनिकॉर्न उन निजी कंपनियों को कहा जाता है जिनकी वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर या उससे ज्यादा होती है।

दिलचस्प बात यह है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका में इमिग्रेशन नियम पहले की तुलना में सख्त होते जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भविष्य में भी दुनियाभर का टैलेंट उसी तरह अमेरिका पहुंच पाएगा, जैसा पिछले वर्षों में होता रहा है।

दूसरे नंबर पर है इजराइल

भारत के बाद इजरायल दूसरे स्थान पर है, जहां के उद्यमियों ने 60 यूनिकॉर्न कंपनियां खड़ी की हैं। इसके बाद ब्रिटेन (47), चीन (41), कनाडा (30) और रूस (23) का स्थान आता है। रिपोर्ट बताती है कि कुल 76 देशों के प्रवासी उद्यमियों ने अमेरिकी स्टार्टअप इकोसिस्टम को आकार देने में योगदान दिया है।

भारतीयों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका में रहने वाले करीब 50 लाख भारतीय प्रवासियों में से हर 50 हजार लोगों पर एक ऐसा व्यक्ति है, जिसने 1 अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य वाली कंपनी बनाई है। यह अनुपात दुनिया के अधिकांश देशों से बेहतर माना जा रहा है।

जय चौधरी हैं टॉप पर

जब बात दौलत और कारोबार की आती है तो कुछ भारतीय नाम सबसे ऊपर दिखाई देते हैं। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Zscaler के संस्थापक जय चौधरी करीब 13.1 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ लिस्ट में टॉप पर हैं। हिमाचल प्रदेश के एक छोटे से कस्बे से निकलकर उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी साइबर सुरक्षा कंपनियों में से एक खड़ी कर दी।

लिस्ट में ये नाम भी हैं शामिल

उनके बाद विनोद खोसला का नाम आता है, जिन्होंने Sun Microsystems की सह-स्थापना की और बाद में Khosla Ventures के जरिए सिलिकॉन वैली में निवेश की दिशा बदल दी। इंडिगो एयरलाइन के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल, Symphony Technology Group के संस्थापक रोमेश वाधवानी और Workday के सह-संस्थापक अनील भुसरी भी इस सूची में शामिल हैं।

59% अमेरिकी यूनिकॉर्न्स के पीछे हैं प्रवासी फाउंडर्स

रिपोर्ट का सबसे बड़ा निष्कर्ष यह है कि अमेरिका की यूनिकॉर्न अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा प्रवासियों ने बनाया है। देश की 775 यूनिकॉर्न कंपनियों में से 455 कंपनियों की स्थापना या सह-स्थापना प्रवासियों ने की है। यानी करीब 59 फीसदी अमेरिकी यूनिकॉर्न कंपनियों के पीछे प्रवासी संस्थापक हैं। अगर प्रवासियों के बच्चों को भी इसमें शामिल कर लिया जाए तो यह हिस्सा बढ़कर 66 फीसदी तक पहुंच जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो अमेरिका की हर तीन में से दो अरब डॉलर वाली कंपनियों के पीछे प्रवासी परिवारों का योगदान है।

बीते 8 साल में तेजी से बढ़ी संख्या

पिछले आठ वर्षों में यह प्रभाव और भी बढ़ा है। साल 2018 में अमेरिका में केवल 91 यूनिकॉर्न कंपनियां थीं। अब यह संख्या बढ़कर 775 हो गई हैं। वहीं, प्रवासी संस्थापकों वाली कंपनियों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।

बड़े-बड़े देशों की जीडीपी से ज्यादा है वैल्यूएशन

इन कंपनियों की कुल कीमत किसी छोटे-मोटे देश की अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से मुकाबला करती है। प्रवासी संस्थापकों द्वारा बनाई गई यूनिकॉर्न कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन करीब 5 ट्रिलियन डॉलर है। अगर उन कंपनियों को भी जोड़ दिया जाए जो बाद में शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी हैं, तो यह आंकड़ा 5.8 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच जाता है।

SpaceX, OpenAI, Anthropic, Databricks और Stripe जैसी दिग्गज कंपनियां इसी श्रेणी में आती हैं। इन कंपनियों ने न केवल तकनीकी बदलाव लाए हैं बल्कि लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। रिपोर्ट में एक और दिलचस्प तथ्य सामने आया है। अमेरिका की करीब 24 फीसदी यूनिकॉर्न कंपनियों की शुरुआत ऐसे लोगों ने की, जो पहले स्टूडेंट वीजा पर वहां पहुंचे थे। यानी पढ़ाई के लिए अमेरिका जाने वाले कई छात्र आगे चलकर अरबों डॉलर की कंपनियों के संस्थापक बने।

6 भारतीय मूल के लोगों ने बनाई 2 या इससे अधिक यूनिकॉर्न

भारतीयों का दबदबा यहां भी दिखाई देता है। ऐसे 15 प्रवासी उद्यमियों की पहचान की गई है जिन्होंने दो या उससे अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां बनाई हैं। इनमें छह भारतीय मूल के हैं। इस सूची में मोहित अरोन, ज्योति बंसल, आशुतोष गर्ग, अरविंद जैन, सचिन नैय्यर और अजीत सिंह जैसे नाम शामिल हैं।

Updated on:
05 Jun 2026 04:33 pm
Published on:
05 Jun 2026 04:33 pm