कंपनियों ( Indian companies ), उद्योगों और विश्लेषकों के हिसाब से वित्त वर्ष 2021 ( current financial year ) की संभावनाएं। कोरोना लॉकडाउन ( coronavirus lockdown ) के बाद अनलॉक 1 ( India Unlock 1.0 ) में मई की तुलना में विभिन्न सेक्टर्स में बढ़ी मांग। तमाम सेक्टर्स ( india industries ), में कुछ में विकास की संभावना तो कई में हालात ( business news ) बुरी रहने की आशंका।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से जूझते देश में इस पर लगाम लगाने के लिए 25 मार्च से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन ( coronavirus lockdown ) लागू किया गया। लगातार मई तक इसे बढ़ाने के बाद जून में अनलॉक का पहला चरण ( India Unlock 1.0 ) शुरू किया गया। लॉकडाउन के बाद देश में मई की तुलना में जून में प्रमुख क्षेत्रों में मांग बढ़ी। लेकिन ज्यादातर मामलों में रिकवरी से पहले एक लंबा रास्ता तय करना होता है और इसलिए मौजूदा वित्त वर्ष 2021 ( current financial year ) की संभावनाएं ( business news ) बहुत खराब होती दिख रही हैं। जानिए कंपनियों ( Indian companies ), उद्योगों ( india industries ) और विश्लेषकों के हिसाब से क्या हैं इस वित्त वर्ष की संभावनाएं।
एफएमसीजी
साइज: 4 लाख करोड़ रुपये
सकल परिणाम: अच्छा
जून की कैसी मांग थी: जून 2019 की तुलना में 4-5%
जून की तुलना
1. मई से: मई 2019 की तुलना में 2-3% बढ़ोतरी
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): फरवरी 2019 की तुलना में 7% बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: विकास जारी रहेगा, साल दर साल के हिसाब से 5% बढ़ोतरी
ई-कॉमर्स
साइज: 2.53 लाख करोड़
सकल परिणाम: औसत
जून की कैसी मांग थी: कोरोना से पूर्व 80-90% मात्रा की मांग
जून की तुलना
1. मई से: कोरोना पूर्व 70% मात्रा की मांग
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): जून 10% कम
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: मात्रा ठीक हो जाएगी, मूल्य नहीं। इसलिए वित्त वर्ष 20 में 35% की तुलना में इस वर्ष वृद्धि 6% रहेगी।
कैब सेवा
साइज: 1.5 लाख करोड़
सकल परिणाम: ख़राब
जून की कैसी मांग थी: जून 2019 की तुलना में 25% गिरावट
जून की तुलना
1. मई से: मई में मांग कमजोर थी।
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): सामान्य थी और जून से बहुत अधिक।
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: कमजोर रिकवरी, वित्त वर्ष 2020 की मांग का अधिकतम 50%
हॉस्पिटैलिटी
साइज: 1.58 लाख करोड़
सकल परिणाम: ख़राब
जून की कैसी मांग थी: 13-15% ऑक्यूपेंसी
जून की तुलना
1. मई से: एक समान
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): 70% ऑक्यूपेंसी
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: सितंबर तक थोड़ा बदलाव, उसके बाद अनिश्चित।
रिटेल
साइज: 60.4 लाख करोड़
सकल परिणाम: औसत
जून की कैसी मांग थी: जून 2019 की तुलना में 40%
जून की तुलना
1. मई से: मई 2019 का 30%
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): फरवरी 2019 की तुलना में 10% की वृद्धि
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: वित्त वर्ष 2020 का अधिकतम 60%
ऑटोमोबाइल
साइज: 4 लाख करोड़ रुपये
सकल परिणाम: खराब
जून की कैसी मांग थी: जून 2019 का 70-75%
जून की तुलना
1. मई से: जून से भी ज्यादा खराब, बड़ी गिरावट
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): वित्त वर्ष 2020 की तुलना में मांग कम, लेकिन अभी भी बहुत अधिक
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: पहली तिमाही पूरी तरह बेकार होने के साथ सबसे कम मांग की संभावना
डिजिटल डिमांड
साइज: 5 लाख करोड़
सकल परिणाम: औसत से ऊपर
जून की कैसी मांग थी: कोरोना काल से पूर्व 80-90%
जून की तुलना
1. मई से: जून की मांग तेजी से बढ़ी
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): जून की मांग से बहुत अधिक
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: कोरोना पूर्व संभावित 25% सीएजीआर की तुलना में विकास बहुत कम होगा
पावर
साइज: 370 GW
सकल परिणाम: औसत
जून की कैसी मांग थी: 165 GW
जून की तुलना
1. मई से: करीब बराबर, 166GW
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): 170 GW
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: खपत ठीक हो जाएगी, लेकिन कोई बढ़ोतरी नहीं होगी
स्मार्टफोन्स
साइज: 2 लाख करोड़
सकल परिणाम: औसत
जून की कैसी मांग थी: सामान्य मासिक औसत का करीब 50%
जून की तुलना
1. मई से: ज्यादा हैंडसेट्स बेचे गए
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): जून की तुलना में दोगुना
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: वित्त वर्ष 2020 की तुलना में 2 करोड़ कम हैंडसेट्स की बिक्री
विमानन
साइज: 14.40 करोड़ यात्री
सकल परिणाम: खराब
जून की कैसी मांग थी: कोरोना पूर्व की तुलना में 30% फ्लाइट्स, 50-55% ऑक्यूपेंसी, कोरोना से पहले यह 80% थी।
जून की तुलना
1. मई से: बिल्कुल खत्म होने के नजदीक।
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): सामान्य मांग
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: जब तक कोरोना का खतरा मौजूद रहेगा, उद्योग तनाव में रहेगा
रीयल इस्टेट
साइज: 12.5 लाख करोड़
सकल परिणाम: खराब
जून की कैसी मांग थी: कोरोना पूर्व की तुलना में 50% मांग गिर गई
जून की तुलना
1. मई से: बहुत बुरा
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): पहले से ही बुरी स्थिति में है, लेकिन फिर भी सकारात्मक
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: 30-35% तक कमी
पेट्रोलियम
साइज: 7.55 लाख करोड़
सकल परिणाम: औसत
जून की कैसी मांग थी: जून 2019 की तुलना में 14% कम
जून की तुलना
1. मई से: 16% ज्यादा
2. फरवरी (पूर्व -लॉकडाउन): जून में कम था
वित्त वर्ष 2021 के लिए जून का महत्व: वित्त वर्ष 2020 के स्तर पर मांग में रिकवरी होगी, लेकिन वृद्धि कम होगी