देश में एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने समृद्ध योजना की शुरूआत की है। सरकार का लक्ष्य देश में यूनिकॉर्न की संख्या को सौ तक पहुंचाने का है।
नई दिल्ली। देश में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार ने बुधवार को समृद्ध योजना की शुरूआत की है। समृद्ध प्रोग्राम के तहत सरकार 300 स्टार्टअप्स को शुरूआती पूंजी के साथ संरक्षण और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराएगी। सरकार इन स्टार्टअप्स को ग्राहकों और निवेशकों तक पहुंचाने में मदद करेगी। साथ ही इन्हें अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराएगी।
स्टार्टअप शुरू करने वालों को दिया जाएगा 6 माह का प्रशिक्षण
समृद्ध योजना के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और आइटी मंत्रालय की ओर से चयनित स्टार्टअप्स को 40 लाख तक का सीड फंड उपलब्ध करवाया जाएगा। साथ ही छह महीने तक मार्गदर्शन भी किया जाएगा। आइटी और टेलीकॉम मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मैं 20 से अधिक स्टार्टअप्स का मार्गदर्शन कर चुका हूं।
यूनिकॉर्न में तीसरे नंबर पर भारत
सरकार का लक्ष्य देश में यूनिकॉर्न की संख्या को सौ तक पहुंचाने का है। यूनिकॉर्न उन स्टार्टअप्स को कहा जाता है जिनकी बाजार पूंजी या वैल्यूएशन 100 करोड़ डॉलर से अधिक होता है। देश में अभी 63 यूनिकॉर्न हैं और इस मामले में भारत विश्व में अमरीका और चीन के बाद तीसरे स्थान पर है। भारत की यूनिकॉर्न्स की कुल पूंजी 16,800 करोड़ डॉलर से अधिक है।
एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देना चाहती है सरकार
इस समय मोदी सरकार का पूरा ध्यान युवाओं में एंटरप्रेन्योरशिप की आदत को बढ़ावा देना है। खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी पहले कई बार कह चुके हैं युवाओं को नौकरी की तलाश करने के बजाय खुद के बिजनेस की शुरूआत करनी चाहिए। नीतिन गड़करी ने एक बार कहा था कि देश में जॉब सीमित संख्या में है इसलिए युवाओं को जॉब के पीछे नहीं भागना चाहिए वरन कुछ ऐसा करना चाहिए कि वे दूसरों को रोजगार देने वाले बनें।