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Infosys Share Price 29th July: TCS और Wipro समेत बड़े आईटी शेयरों में 5% तक की तेजी, आखिर क्या है इस खरीदारी की वजह?

TCS Share Price: भारतीय आईटी शेयरों में अच्छी तेजी देखने को मिली है। AI सेक्टर में वैश्विक बिकवाली के बीच निवेशकों ने भारतीय आईटी कंपनियों का रुख किया है। जेफरीज ने भी IT सेक्टर को लेकर अपना नजरिया बदला है।
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Jul 29, 2026
IT Stocks
आईटी शेयरों में आज तेजी देखने को मिली है। (PC: AI)

IT Stocks Rise Today: ग्लोबल टेक्नोलॉजी मार्केट में AI इन्वेस्टमेंट को लेकर बढ़ती चिंता का असर भले ही अमेरिका और एशिया के चिप शेयरों पर दिखाई दे रहा हो, लेकिन भारतीय आईटी कंपनियों के लिए यह माहौल फिलहाल राहत लेकर आया है। बुधवार को दलाल स्ट्रीट पर आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और कई दिग्गज कंपनियों के शेयर 5 फीसदी तक चढ़ गए। सबसे ज्यादा चर्चा कोफोर्ज की रही। मजबूत पहली तिमाही के नतीजों के बाद इसका शेयर करीब 5 फीसदी उछल गया। इसके अलावा इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक, विप्रो, टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स के अनुसार, एआई शेयरों में गिरावट से अब ट्रेडिशनल आईटी सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। यही कारण है कि आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है।

बड़े आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी

बीएसई पर टीसीएस का शेयर 3.2 फीसदी बढ़कर 2,476 रुपये पर पहुंच गया। इंफोसिस में 4.1 फीसदी की तेजी आई और यह 1,152 रुपये तक पहुंच गया। एचसीएल टेक करीब 2.3 फीसदी चढ़कर 1,350 रुपये पर पहुंच गया। जबकि विप्रो में 2.2 फीसदी की बढ़त देखी गई। मिडकैप आईटी कंपनियों में भी खरीदारी का माहौल बना रहा और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स का शेयर 3 फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ।

निफ्टी IT इंडेक्स के शेयरों का हाल

कंपनीशेयर प्राइस (₹)बदलाव (₹)प्रतिशत बदलाव (%)
इन्फोसिस1,155.60+49.90+4.51%
टीसीएस2,446.30+48.30+2.01%
कोफोर्ज1,720.00+34.00+2.02%
विप्रो184.20+3.08+1.70%
ओएफएसएस11,515.00+181.00+1.60%
एचसीएल टेक1,342.00+23.40+1.77%
टेक महिंद्रा1,647.60+12.40+0.76%
पर्सिस्टेंट सिस्टम्स5,509.20+80.80+1.49%
एलटीआई माइंडट्री4,427.20+118.00+2.74%
निफ्टी आईटी इंडेक्स (दोपहर 1 बजकर 30 मिनट पर भाव)

AI पर बदला निवेशकों का नजरिया

पिछले कुछ महीनों से दुनिया भर में AI को लेकर जबरदस्त उत्साह था। बड़ी टेक कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही थीं। अब निवेशकों के मन में सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इस भारी निवेश का फायदा कब मिलेगा। इसी वजह से अमेरिका के टेक शेयरों और सेमीकंडक्टर कंपनियों में लगातार बिकवाली हो रही है। ब्लूमबर्ग से बातचीत में जेनी मॉन्टगोमरी स्कॉट के मुख्य निवेश रणनीतिकार मार्क लुशिनी ने कहा कि AI से जुड़ा निवेश अब पहले जितना भरोसेमंद नहीं माना जा रहा और निवेशकों का रुख तेजी से बदल रहा है।

चीन ने भी बढ़ाई बाजार की चिंता

बाजार की चिंता सिर्फ AI खर्च तक सीमित नहीं है। चीन की मेमोरी चिप कंपनी CXMT की धमाकेदार लिस्टिंग और देश में अत्याधुनिक DUV लिथोग्राफी उपकरण के उत्पादन की खबरों ने भी निवेशकों की बेचैनी बढ़ा दी है। सेबी रजिस्टर्ड निवेश सलाहकार डॉ रवि का मानना है कि आने वाले समय में चीन की कंपनियां दक्षिण कोरिया के चिप निर्माताओं को कड़ी चुनौती दे सकती हैं। यही वजह है कि एशियाई सेमीकंडक्टर शेयरों पर दबाव लगातार बना हुआ है।

एशियाई बाजारों में बड़ी गिरावट

AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंता का असर पूरे एशिया में दिखाई दिया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स कारोबार के दौरान 12 फीसदी तक लुढ़क गया। SK Hynix के अच्छे नतीजों के बावजूद उसका शेयर 14 फीसदी टूट गया, जबकि सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में भी करीब 10 फीसदी की गिरावट आई है। जापान का निक्की भी कमजोर रहा और MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली।

AI ट्रेड में गिरावट भारतीय IT सेक्टर के लिए है अवसर

अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि AI ट्रेड में आई सुस्ती भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अवसर बन सकती है। फर्म के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) का रुख फिर से भारत की ओर सकारात्मक हुआ है। अर्थव्यवस्था और कंपनियों के नतीजे भी उम्मीद से बेहतर रहे हैं। ऐसे में लंबे समय से आईटी सेक्टर पर अपनाया गया अंडरवेट रुख खत्म करते हुए जेफरीज ने इंफोसिस को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया है।

चुनौतियां पूरी तरह नहीं हुईं खत्म

आईटी सेक्टर में चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं। डॉ रवि के अनुसार, कमजोर वैश्विक मांग, कंपनियों के आईटी बजट पर दबाव, बढ़ती कर्मचारियों की लागत और AI की वजह से पारंपरिक आउटसोर्सिंग कारोबार पर असर जैसी चिंताएं अभी भी बनी हुई हैं। इस साल अब तक आईटी इंडेक्स करीब 25 फीसदी गिर चुका है। टीसीएस, इंफोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसे बड़े शेयर अपने पिछले दो साल के उच्च स्तर से करीब 35 से 50 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, जेफरीज का मानना है कि सेक्टर में अब गिरावट का दौर आखिरी चरण में हो सकता है और यहां से सुधार की गुंजाइश बन रही है।

US Fed के फैसले पर रहेगी नजर

अब निवेशकों की निगाह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। शेयर बाजार को उम्मीद है कि फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं होगा, लेकिन आगे दरें बढ़ने की आशंका भी बढ़ी है। फेड का फैसला भारतीय आईटी कंपनियों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि इनकी कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका से आता है। अगर वहां ब्याज दरें और कारोबारी माहौल अनुकूल रहता है, तो टेक्नोलॉजी पर कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है। वहीं, मजबूत डॉलर भारतीय आईटी कंपनियों की विदेशी कमाई को रुपये में बदलने पर अतिरिक्त फायदा भी पहुंचाता है।

(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)

Updated on:
29 Jul 2026 01:36 pm
Published on:
29 Jul 2026 01:36 pm