
लार्सन एंड टुब्रो के शेयर में तेजी आई है। (फोटो: AI)
Larsen And Toubro Share Price: शेयर बाजार की तेज शुरुआत के बीच लार्सन एंड टुब्रो (Larsen and Toubro) के शेयरों में बुधवार, 29 जुलाई को अच्छी खरीदारी देखने को मिली है। जेफरीज और गोल्डमैन सैश से इस शेयर को 'बाय' रेटिंग मिली हुई है। वहीं, सीएलएसए ने इस शेयर को 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग दी है। जेफरीज ने एलएंडटी शेयर पर 5000 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है।
सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर इसका शेयर 3.02 फीसदी या 115.90 रुपये की बढ़त के साथ 3,947.90 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इस शेयर ने पिछले 1 सप्ताह में 3.42 फीसदी, 1 महीने में -5.22 फीसदी और 1 साल में 12.94 फीसदी का रिटर्न दिया है।
ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने एल एंड टी पर 'बाय' रेटिंग बनाए रखते हुए 5,000 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस दिया है। जेफरीज के मुताबिक, कंपनी की पहली तिमाही की कमाई (EBITDA) अनुमान से 8 फीसदी कम रही और इंजीनियरिंग व निर्माण के काम में भी सुस्ती दिखी। हालांकि, नए ऑर्डर में 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। अगर ईरान युद्ध की स्थिति सामान्य होती है, तो साल की दूसरी छमाही बेहतर रह सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि अगर वैश्विक तनाव कम होता है, तो कंपनी का स्टॉक प्राइस 4,278 रुपये (युद्ध शुरु हुआ जब का स्तर) तक जाना चाहिए और कमाई की बेहतर संभावनाओं से इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है।
CLSA ने एल एंड टी पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग के साथ 4,842 रुपये का टार्गेट प्राइस रखा है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने नए ऑर्डर, E एंड C मार्जिन और वर्किंग कैपिटल में उम्मीद से बेहतर परफॉर्म किया है। सबसे खास बात यह रही कि E एंड C मार्जिन 30 बेसिस पॉइंट बढ़ा। नए ऑर्डर में यूरोप और भारत से मिले बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स के दम पर 14 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का कुल ऑर्डर बुक अब 82 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल से 27 फीसदी ज्यादा है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए भी 10-12 फीसदी ऑर्डर और कामकाज बढ़ने का अनुमान बरकरार रखा है।
गोल्डमैन सैश (Goldman Sachs) ने भी इस शेयर पर 'बाय' रेटिंग के साथ 4,370 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी के कोर बिजनेस में ऑर्डर 17 फीसदी बढ़े, जबकि अनुमान 6 फीसदी गिरावट का था। हालांकि, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण कामकाज पर असर पड़ा है। कंपनी के पास अभी भी 15 लाख करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का मजबूत आधार मौजूद है, जिसमें 45 फीसदी प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
29 Jul 2026, 12:18 PM IST
Published on:
29 Jul 2026, 12:16 PM IST
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