
India Net Direct Tax Collection Growth: भारत के नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में बड़ी ग्रोथ दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष में 13 जुलाई तक देश का नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 16.4 प्रतिशत बढ़ गया है। अब यह आंकड़ा बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। मंगलवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। टैक्स कलेक्शन में आई इस बड़ी उछाल के पीछे कई वजहें हैं। इनमें कॉर्पोरेट टैक्स और नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स से हुई बंपर कमाई शामिल है। इसके साथ ही सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स कलेक्शन में भी भारी बढ़ोतरी हुई है।
वित्त वर्ष 2026-27 में 13 जुलाई 2026 तक ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स क्लेक्शंस 7,73,681.68 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि में 6,66,337.20 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह इसमें 16.11 फीसदी की ग्रोथ दर्ज हुई है।
कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शंस एक साल पहले के 2,90,130.54 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 3,35,386.27 करोड़ रुपये रहा। वहीं, नॉन कॉर्पोरेट टैक्स कलेक्शंस 3,58,058.12 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,11,853.80 करोड़ रुपये हो गया। इस टैक्स में इंडिविजुअल्स, एचयूएफ, फर्म्स, एसोसिएशंस ऑफ पर्सन्स, BOIs और लोकल अथॉरिटीज द्वारा दिया गया टैक्स शामिल होता है।
सिक्युरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) से कलेक्शंस में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज हुई है। यह एक साल पहले के 17,875.88 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 26,428.96 करोड़ रुपये रहा है। ग्रॉस कलेक्शंस में अन्य टैक्स का योगदान 12.65 करोड़ रुपये रहा।
इस अवधि में टैक्स रिफंड की रफ्तार भी तेज हुई है। इस दौरान 1,22,491.87 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किये गए। एक साल पहले की समान अवधि में 1,06,912.48 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किये गए थे। यह 14.57 फीसदी का उछाल है।
ये आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद कॉर्पोरेट अर्निंग्स और पर्सनल इनकम टैक्स कलेक्शन लचीला बना हुआ है। नॉन-कॉर्पोरेट टैक्स में मजबूत ग्रोथ भी इंडिविजुअल्स और नॉन-कॉर्पोरेट इकाइयों द्वारा समय पर इनकम टैक्स भुगतान को दर्शा रही है।