
Indo-MIM IPO में पैसा लगाने वाले निवेशकों की लिस्टिंग के दिन ही अच्छी कमाई हो गई है। कंपनी के शेयर गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंजों पर करीब 45 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। BSE पर यह शेयर 703 रुपये और NSE पर 700 रुपये पर खुला, जबकि IPO में इश्यू प्राइस 485 रुपये प्रति शेयर था। इस तरह कंपनी ने बाजार में मजबूत शुरुआत की और आईपीओ के दौरान बने पॉजिटिव माहौल पर मुहर लगा दी।
इंडो-एमआईएम का 3,811.21 करोड़ रुपये का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। यह इश्यू 23 जुलाई से 27 जुलाई तक खुला था और बंद होने तक कुल 98.47 गुना सब्सक्राइब हुआ था। सबसे ज्यादा दिलचस्पी बड़े संस्थागत निवेशकों ने दिखाई। योग्य संस्थागत निवेशकों (QIB) का हिस्सा 296.13 गुना भरा। वहीं, गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) ने इसे 50.63 गुना और रिटेल निवेशकों ने 6.67 गुना सब्सक्राइब किया। IPO का प्राइस बैंड 461 रुपये से 485 रुपये प्रति शेयर रखा गया था। कंपनी ने इश्यू खुलने से पहले ही एंकर निवेशकों से 1,140.99 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर यह शेयर बीएसई पर 4.13 फीसदी की बढ़त के साथ 732 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इस तरह आईपीओ में पैसा लगाने वालों को कुल 50 फीसदी का मुनाफा होता दिख रहा है।
IPO में कंपनी ने 499.10 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए, जबकि 3,311.21 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) था। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से करीब 400 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने या कम करने में करेगी। बाकी रकम सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों और भविष्य में कारोबार के विस्तार पर खर्च की जाएंगी।
साल 1996 में शुरू हुई इंडो-एमआईएम मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (MIM) तकनीक से हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग पार्ट्स बनाने वाली दुनिया की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी डिजाइन से लेकर मोल्डिंग, मशीनिंग, फिनिशिंग और असेंबली तक पूरी मैन्युफैक्चरिंग सुविधा देती है। समय के साथ इसने इन्वेस्टमेंट कास्टिंग, प्रिसीजन मशीनिंग, सिरेमिक इंजेक्शन मोल्डिंग और 3D मेटल प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों को भी अपने कारोबार में शामिल किया है।
इसके उत्पाद ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, रक्षा, मेडिकल डिवाइस और कंज्यूमर गुड्स जैसे कई सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने 6,400 से ज्यादा अलग-अलग उत्पाद तैयार किए।
इंडो-एमआईएम ने वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू और मुनाफे दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की है। कंपनी का कुल रेवेन्यू एक साल में 28.1 फीसदी बढ़कर 4,320.70 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष में 3,373.97 करोड़ रुपये था। इसी दौरान कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 25.9 फीसदी बढ़कर 533.54 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले यह 423.73 करोड़ रुपये था।
एक्सपर्ट्स ने इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड करने की सलाह दी है। हालांकि, मजबूत लिस्टिंग गेन के चलते कुछ प्रॉफिट बुक भी कर सकते हैं। कांतिलाल छगनलाल सिक्युरिटीज में वीपी (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) महेश ओझा ने कहा, 'जिन निवेशकों को आईपीओ में शेयर अलॉट हुए हैं, वे कंपनी की फ्यूचर ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए इसे लॉन्ग टर्म तक अपने पोर्टफोलियो में बनाए रख सकते हैं।'
वहीं, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट की वेल्थ हेड शिवानी न्याती का कहना है कि लिस्टिंग के बाद शेयर का वैल्यूएशन काफी बढ़ गया है। उनके मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के अनुमानित P/E के आधार पर शेयर पहले ही लगभग 44 गुना के वैल्यूएशन पर था और अब लिस्टिंग के बाद यह इससे भी ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, 'शेयर में आई तेज उछाल के बाद निकट भविष्य में मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। जिन निवेशकों के पास यह शेयर है, वे मौजूदा स्तर पर आंशिक मुनाफा बुक कर सकते हैं। बाकी शेयरों के लिए 595 से 600 रुपये के आसपास स्टॉप लॉस रखें।'
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)