
Adani पोर्ट के शेयर में गिरावट आई है। (PC: Adani Port)
Adani Ports Share Target Price: अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) का शेयर गुरुवार को NSE पर 3 फीसदी तक फिसल गया। हालांकि, पहली तिमाही में कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। जून तिमाही में कंपनी को 3,620 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 3,315 करोड़ रुपये से 9 फीसदी ज्यादा है। मुनाफे में बढ़ोतरी के बावजूद शेयर में गिरावट आई है।
कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि कंपनी का ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.5 फीसदी बढ़कर 10,821 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 9,126 करोड़ रुपये था। वहीं, EBITDA में भी 19 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी का EBITDA यानी ब्याज, टैक्स और डेप्रिसिएशन से पहले की कमाई 6,540 करोड़ रुपए रही, जो एक साल पहले इसी अवधि में 5,495 करोड़ रुपये थी। EBITDA मार्जिन भी थोड़ा बढ़कर 60.4 फीसदी हो गया, जो पिछले साल 60.2 फीसदी था।
सुबह 10 बजकर 28 मिनट पर इसका शेयर NSE पर 2.91 फीसदी या 50.10 रुपये की गिरावट के साथ 1,669.60 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। इस शेयर ने पिछले 1 हफ्ते में -5.81 फीसदी, 1 महीने में -7.46 फीसदी और एक साल में 20.16 फीसदी का रिटर्न दिया है।
| ब्रोकरेज फर्म | रेटिंग | टार्गेट प्राइस | मौजूदा स्तर से संभावित बढ़त |
|---|---|---|---|
| Nomura | Buy | ₹2,080 | लगभग 21% |
| Nuvama | Buy | ₹2,000 | लगभग 16.2% |
| Motilal Oswal | Buy | ₹2,130 | लगभग 24% |
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अडानी पोर्ट के पास मजबूत कैश फ्लो, 12,400 करोड़ रुपये का नकद भंडार और 1.9x नेट डेट-टू-EBITDA जैसी मजबूत बैलेंस शीट है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि प्रमुख पोर्ट्स पर क्षमता विस्तार, नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और ग्लोबल पोर्ट्स के अधिग्रहण आने वाले वर्षों में ग्रोथ को मजबूत बनाए रखेंगे।
नोमुरा का कहना है कि कंपनी का पोर्ट्स कारोबार मजबूत रहा, जिसने लॉजिस्टिक्स कारोबार की सुस्त परफॉर्मेंस की भरपाई कर दी। ब्रोकरेज के मुताबिक, मिडिल ईस्ट संकट के कारण कंटेनर मार्केट शेयर में हल्की गिरावट आई है। हालांकि, हालात सामान्य होने पर अडानी पोर्ट के दोबारा मार्केट शेयर हासिल करने की उम्मीद है। इसी आधार पर ब्रोकरेज ने बाय रेटिंग बरकरार रखी है।
नुवामा के अनुसार, कंपनी की घरेलू पोर्ट्स से होने वाली आय सालाना आधार पर 12 फीसदी बढ़कर 6,660 करोड़ रुपये पर पहुंची है। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से प्रति टन बेहतर रियलाइजेशन की वजह से रही। साथ ही, कंपनी आने वाले समय में केवल ऐसे विदेशी अधिग्रहण करेगी जो पहले दिन से कमाई बढ़ाने वाले हों। इन कारणों से ब्रोकरेज ने Buy रेटिंग दी है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
30 Jul 2026 11:29 am
Published on:
30 Jul 2026 11:29 am
