Share Market Tips: शेयर मार्केट के इन्वेस्टर्स अब मैच्योर हो गए हैं। वे हर गिरावट को खरीदारी का मौका समझते हैं। निवेशक लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं।
Share Market Tips: पश्चिम एशिया संकट के कारण भारतीय शेयर बाजार में मार्च 2025 में 11% से भी ज्यादा गिरावट आई। भारतीय निवेशकों ने इस गिरावट में बाजार से बाहर निकलने के बजाय इसे निवेश के मौके के रूप में देखा और हर गिरावट पर जमकर निवेश किया। बाय ऑन द डिप्स की इस रणनीति के कारण मार्च में इक्विटी फंड्स में निवेश 56% बढ़कर 40,450 करोड़ रुपए पर पहुंच गया, जो फरवरी में 25,978 करोड़ और जनवरी में केवल 24,028 करोड़ रुपए था। हालांकि, मार्च में बड़ी गिरावट के कारण म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का एयूएम 10% घटकर 73.73 लाख करोड़ रह गया। पिछले महीने एसआइपी से रेकॉड 32,087 करोड़ रुपए का निवेश आया।
निवेशकों का रुझान ग्रोथ ओरिएंटेड एसेट की ओर बढ़ा है। बाजार में गिरावट के बाद बेहतर एंट्री पॉइंट मिलने से इक्विटी में निवेश बढ़ा है। एम्फी के आंकड़ों के मुताबिक, इक्विटी फंड्स में सबसे ज्यादा निवेश फ्लेक्सी कैप फंड्स में 10,055 करोड़ रुपए हुआ। लगातार 8वें माह फ्लेक्सीकैंप में सबसे ज्यादा निवेश आया। भारी गिरावट के बावजूद मिडकैप-स्मॉलकैप फंड्स में भी जबरदस्त निवेश आया। दूसरी ओर महंगाई व यील्ड में उतार-चढ़ाव की चिंताओं के कारण डेट फंड्स से करीब 2.95 करोड़ रुपए और हाइब्रिड फंड्स से 16,538 करोड़ रुपए की निकासी हुई।
अबैकस एमएफ के सीईओ वैभव चुघ ने कहा कि निवेशक परिपक्व हो गए हैं। अब हर गिरावट को बाहर निकलने की वजह नहीं, बल्कि निवेश के मौके के रूप में देखा जा रहा है। स्मॉलकैप के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद निवेशकों ने इसमें निवेश बढ़ाया है, क्योंकि वैल्यूएशन अपने पीक और 10 साल के औसत से नीचे आ गए हैं।
ऊंचे वैल्यूएशन को लेकर चिंता के बीच मिडकैप और स्मॉल कैप फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी फिर तेज हो गई है। मॉर्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि गिरावट के बावजूद निवेशक अब उच्च ग्रोथ संभावनाओं पर भरोसा जता रहे हैं, भले ही उतार-चढ़ाव बना हुआ हो। निवेशक मिड-स्मॉलकैप कंपनियों की कमाई बढ़ने की संभावना को लेकर सकारात्मक नजरिया बनाए हुए हैं।