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IPOs in 2026: अगले साल हॉस्पिटल्स और IVF कंपनियां लेकर आ रही हैं 20,000 करोड़ रुपये के आईपीओ, जानिए डिटेल

IPO News: भारतीय बाजार में अगले साल 2026 में कई अस्पतालों के आईपीओ लॉन्च होने वाले हैं। यह आंकड़ा लगभग 20,000 करोड़ रुपये को छू रहा है।
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Dec 16, 2025
Hospital IPO
2026 में 20,000 करोड़ रुपये के आईपीओ हो सकते हैं लॉन्च। (PC: Freepik)

भारत का हेल्थकेयर सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। देश में बेहतर इलाज, आधुनिक अस्पताल और विशेष सेवाओं की मांग लगातार बढ़ने के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा भी इस सेक्टर पर मजबूत होता जा रहा है। इसी का नतीजा है कि आने वाले साल में भारत का प्राइमरी मार्केट (IPO मार्केट) हेल्थकेयर कंपनियों से भरा रहने वाला है। इन्वेस्टमेंट बैंकर्स के मुताबिक 2026 में अस्पताल चेन, और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) कंपनियों के करीब 20,000 करोड़ रुपये के आईपीओ बाजार में दिखाई दे सकते हैं।

बड़े अस्पताल समूहों के IPO की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, कई प्रमुख अस्पताल समूहों ने या तो ड्राफ्ट पेपर्स दाखिल कर दिए हैं या फिर अंतिम तैयारी में हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन मणिपाल हॉस्पिटल्स करीब 8,500 से 9,000 करोड़ रुपये के IPO के लिए दस्तावेज दाखिल करने की तैयारी में है। यह हेल्थकेयर सेक्टर के सबसे बड़े इश्यू में से एक होगा। वहीं, दक्षिण भारत की एक और बड़ी कंपनी कावेरी हॉस्पिटल भी लगभग 1,500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है।

इसके अलावा एशिया हेल्थकेयर होल्डिंग्स भी बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। IVF सेगमेंट की दिग्गज कंपनी इंदिरा IVF ने जुलाई 2025 में गोपनीय (कॉन्फिडेंशियल) मार्ग से दोबारा IPO के लिए आवेदन किया है, जिसका अनुमानित मूल्य करीब 3,500 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। यशोदा हॉस्पिटल्स (हैदराबाद) ने करीब 4,000 रुपये करोड़ के पब्लिक इश्यू के लिए गोपनीय फाइलिंग की है।

निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ा?

इन्वेस्टमेंट बैंकर्स का कहना है कि अस्पताल चेन में लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या और बेहतर मुनाफा निवेशकों का भरोसा मजबूत कर रहा है। वहीं, IVF और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (ART) सेगमेंट में भी बड़ी संभावनाएं देखने को मिल रही हैं। पारस हॉस्पिटल्स ने सितंबर 2024 में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के IPO के लिए आवेदन किया था। वह अब दोबारा दस्तावेज दाखिल करने की तैयारी में है। वहीं, मैटरनिटी और चाइल्ड-केयर सेगमेंट में बेंगलुरु स्थित क्लाउडनाइन भी 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के IPO की प्रक्रिया शुरु कर चुकी है।

भारत में हेल्थकेयर की संभावनाएं

आंकड़े बताते हैं कि भारत अभी भी हेल्थकेयर खर्च और बुनियादी ढांचे के मामले में कई देशों से पीछे है। अस्पताल बेड्स के मामले में भारत में 10,000 लोगों की आबादी पर सिर्फ 16 बेड हैं, जबकि चीन में 50, मलेशिया में 20 और थाईलैंड में 23 बेड उपलब्ध हैं। हालांकि, सरकार की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) ने स्वास्थ्य सेवाओं के नए अवसर खोले हैं, जिसके तहत करीब 11 करोड़ परिवार कवर किए जा चुके हैं। अमेरिका की तुलना में भारत में सर्जरी की लागत 10वें हिस्से से भी कम है। उदाहरण के तौर पर, हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी भारत में लगभग 6,30,000 रुपये में हो जाती है, जबकि अमेरिका में इसका खर्च 45,00,000 रुपये तक है।

Updated on:
16 Dec 2025 11:07 am
Published on:
16 Dec 2025 11:07 am