Donald Trump: बिटकॉइन की कीमत में 76000 डॉलर से सीधे 68000 डॉलर पर आ गई। यह गिरावट ट्रंप के बयान के बाद हु्ई है।
पश्चिम एशिया में जंग के 23वें दिन दुनिया के बाजारों को एक और बड़ा झटका लगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने पूरे क्रिप्टो मार्केट में भूचाल ला दिया। बिटकॉइन की कीमत 68,000 डॉलर से नीचे लुढ़क गई और महज 60 मिनट में 240 मिलियन डॉलर की लेवर्ड पोजीशन लिक्विडेट हो गई।
ट्रंप ने ऐलान किया कि अगर ईरान ने 48 घंटे के भीतर होर्मुज की खाड़ी नहीं खोली तो अमेरिका उसके पावर प्लांट तबाह कर देगा। यह कोई साधारण धमकी नहीं थी। होर्मुज की खाड़ी दुनिया की सबसे अहम समुद्री गलियारा है जिससे दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल की सप्लाई पर निर्भर है। एशिया अपनी 60 फीसदी क्रूड जरूरत इसी रास्ते से पूरी करता है।
इस एक बयान ने पश्चिम एशिया में पहले से चल रहे युद्ध को और भीषण होने की आशंका को हवा दे दी। दुनियाभर के निवेशकों के हाथपांव फूल गए और हर बाजार में बिकवाली शुरू हो गई। इसके साथ ही यह डर भी फैल गया कि अगर जंग और बढ़ी तो क्रूड 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ट्रंप ने यह अल्टीमेटम महज 24 घंटे पहले दिए गए अपने बयान के उलट दिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि वह ईरान में लड़ाई खत्म करने पर विचार कर रहे हैं। उस बयान से बाजार में राहत आई थी, S&P 500 में 900 बिलियन डॉलर वापस आए थे और भारतीय बाजार में भी गैप-अप ओपनिंग की उम्मीद बंधी थी। लेकिन 24 घंटे भी नहीं बीते और ट्रंप ने पलटी मार दी।
यही U-टर्न अब बाजार के लिए सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर बन गया है। निवेशक समझ नहीं पा रहे कि ट्रंप के किस बयान पर पोजीशन बनाएं और किस पर काटें। जब नीति हर 24 घंटे में बदले तो बाजार के लिए स्थिर रणनीति बनाना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
ट्रंप के बयान के बाद जो हुआ वह बाजार की बेबसी की सबसे साफ तस्वीर है। महज 60 मिनट के भीतर 240 मिलियन डॉलर की लेवर्ड क्रिप्टो पोजीशन लिक्विडेट हो गई। लेवर्ड पोजीशन यानी वह दांव जो निवेशकों ने उधार लेकर लगाया था। जैसे ही बाजार उलटा चला, सब कुछ एक झटके में साफ हो गया। बिटकॉइन जो इसी हफ्ते 18 मार्च को 76,000 डॉलर के ऊपर थी और छह हफ्ते के हाई पर पहुंची थी, वह 68,000 डॉलर से नीचे आ गई। यानी महज कुछ दिनों में 8,000 डॉलर से ज्यादा की गिरावट। पूरे क्रिप्टो मार्केट में भूचाल आ गया।