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ITR Filing 2026: गलत फॉर्म में भर दिया है आईटीआर? जानिए क्या है इसे सही करने का प्रोसेस, देर की तो हो जाएगा नुकसान

ITR Form Correction: गलत ITR फॉर्म चुनकर इनकम टैक्स भरने से विभाग का नोटिस आना, रिटर्न डिफेक्टिव होना और रिफंड में देरी होना जैसी समस्या हो जाती है। इस गलती को सुधारने का मौका विभाग देता है।
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Jun 27, 2026
Income Tax Return Form correction Process
ITR form में हुई गलती को सुधारा जा सकता है। (फोटो: Freepik)

ITR Form Correction: हर साल कई टैक्सपेयर्स अपनी इनकम के हिसाब से सही इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म नहीं भरते हैं और उन्हें बाद में परेशान होना पड़ता है। जैसे कि नौकरीपेशा लोग तय सीमा से ज्यादा कैपिटल गेन होने के बावजूद ITR-1 भर देते हैं, जबकि कारोबार या प्रोफेशन से आय वाले कई लोग ITR-2 दाखिल कर देते हैं। ऐसे लोगों का टैक्स रिफंड रुक सकता है। अगर आपने असेसमेंट ईयर 2026-27 का ITR गलत फॉर्म में भर दिया है तो आइए जानते हैं कि अब आपको क्या करना होगा।

तय समय के भीतर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके इस गलती को सुधारा जा सकता है। ऐसा नहीं करने पर रिटर्न डिफेक्टिव या अमान्य माना जा सकता है, जिससे रिफंड में देरी और विभाग की ओर से नोटिस मिलने जैसी परेशानी हो सकती है।

किसके लिए कौन सा ITR फॉर्म है सही

  • ITR-1 उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये तक है। इनकी इनकम का स्त्रोत वेतन, अधिकतम दो मकानों, ब्याज, पेंशन और 1.25 लाख रुपये तक की लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन से होती है।
  • ITR-2 उन व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए है जिनकी आय कारोबार या प्रोफेशन से नहीं होती। लेकिन दो से अधिक मकान, लॉटरी से होने वाली इनकम हो तो उनके द्वारा ITR-2 फॉर्म फाइल किया जा सकता है।
  • ITR-3 कारोबार या प्रोफेशन से आय वालों के लिए है।
  • ITR-4 छोटे कारोबार और प्रोफेशन से जुड़े लोगों के लिए है।

गलत फॉर्म को रिवाइज्ड करने का प्रोसेस

यदि गलत फॉर्म में ITR दाखिल हो गया है तो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139(5) के तहत, रिवाइज्ड ITR फाइलिंग 31 मार्च, 2027 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले (जो भी पहले हो) की जानी चाहिए। इसके लिए डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। इसके लिए ये स्टेप फॉलो करने पड़ते हैं।

  • पोर्टल पर लॉग इन करके e-File सेक्शन पर क्लिक करें।
  • इसके बाद Income Tax Return का ऑप्शन चुनें।
  • इसके बाद File Income Tax Return में जाकर Revised Return (Section 139(5)) का विकल्प चुनना होगा।
  • सही ITR फॉर्म भरकर ई-वेरिफाई करना होगा।

कब लगेगी लेट फीस

क्लियरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2026 तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर कोई लेट फीस नहीं लगेगी। लेकिन 31 दिसंबर 2026 के बाद और 31 मार्च 2027 तक रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर कुल आय 5 लाख रुपये तक होने पर 1,000 रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी।

Updated on:
27 Jun 2026 11:38 am
Published on:
27 Jun 2026 11:37 am