
Telecom Tariff Plans: भारत की टेलीकॉम कंपनियां (एयरटेल, जियो और वोडाफोन) आने वाले महीनों में फिर से अपने रिचार्ज प्लान महंगे कर सकती हैं। ऐसा कहना है एक्सिस कैपिटल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर गौरव मल्होत्रा का। उनके मुताबिक, इस बार रिचार्ज प्लान में 10 से 12 प्रतिशत तक दाम बढ़ाए जा सकते हैं और यह बढ़ोतरी अगले तीन से छह महीनों के अंदर देखने को मिल सकती है।
CNBC TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सिस कैपिटल को पहले उम्मीद थी कि इस साल की पहली छमाही में ही रिचार्ज प्लान महंगे हो जाएंगे। लेकिन ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि टेलीकॉम कंपनियां अभी अपने पिछले फैसले का असर देख रही हैं। एयरटेल ने हाल ही में अपना 299 रुपये वाला सस्ता प्लान बंद करके सबसे सस्ता प्लान 349 रुपये का कर दिया है, जो करीब 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इस बदलाव का पूरा असर कंपनी की कमाई और ग्राहकों की संख्या पर दिखने में एक तिमाही यानी तीन महीने से ज्यादा वक्त लगेगा।
ऐसे में कंपनियां यह देखे बिना कि यह छोटा बदलाव कितना कारगर रहा, कोई नई और बड़ी दाम बढ़ोतरी करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहतीं। यही वजह है कि जो बढ़ोतरी इस साल की पहली छमाही में होने की उम्मीद थी, वह अब टलकर अगले तीन से छह महीनों में होने की संभावना है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में एयरटेल ने करीब 30 प्रतिशत दाम बढ़ाए थे, लेकिन उसका असर कंपनी की प्रति यूजर कमाई (ARPU) पर सिर्फ 15 प्रतिशत ही दिखा था। मगर हाल की बढ़ोतरी में 15-16 प्रतिशत दाम बढ़ने पर कमाई भी लगभग उतनी ही बढ़ी और ग्राहक भी ज्यादा नहीं छूटे। इसी वजह से मल्होत्रा का मानना है कि इस बार बड़ी बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है सिर्फ 10-12 फीसदी की बढ़ोतरी ही काफी होगी।
टेलीकॉम सेक्टर की सबसे मुश्किल में चल रही वोडाफोन आइडिया में 2018 में हुए मर्जर के बाद पहली बार ग्राहकों की संख्या बढ़ी है। कंपनी अपने 4G नेटवर्क में नया पैसा लगा रही है, जिससे डेटा इस्तेमाल भी बढ़ रहा है। मल्होत्रा ने बताया कि प्रमोटरों से मिली नई पूंजी और सरकारी बकाया (AGR) से जुड़े घटनाक्रम कंपनी को नया कर्ज लेने और नेटवर्क बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, वोडाफोन आमतौर पर एयरटेल के दाम बढ़ाने के फैसले को कॉपी करती रही है, लेकिन इस बार वह ज्यादा सावधानी बरत सकती है क्योंकि उसके ग्राहक कीमत बढ़ने से जल्दी नाराज हो जाते हैं।