
IPO Market News: साल 2026 के शुरुआती कुछ महीनों में सुस्त रहा भारतीय प्राइमरी मार्केट अब फिर रफ्तार पकड़ने को तैयार है। Jio का 35,000 करोड़ रुपये का संभावित सबसे बड़ा आईपीओ हो, वर्षों के इंतजार के बाद आ रहा NSE का आईपीओ हो या Zepto और Acko जैसे स्टार्टअप हों, निवेशकों के लिए आने वाले महीने बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
Reliance Jio ने SEBI के पास अपने आईपीओ के लिए कागजात जमा कर दिए हैं। यह 35,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम इश्यू होगा। अगर यह आईपीओ बाजार में उतरा, तो यह देश का अब तक का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू बन जाएगा। इस आईपीओ में करीब 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम में से लगभग 27,500 करोड़ रुपये कर्ज चुकाने में जाएंगे, बाकी नेटवर्क विस्तार, AI इन्फ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं पर खर्च होंगे।
Jio अकेला नहीं है। NSE यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने भी SEBI के पास अपना DRHP फाइल किया है। यह वही एक्सचेंज है, जिसकी लिस्टिंग पिछले करीब एक दशक से अटकी पड़ी थी। इस आईपीओ से करीब 25,000 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल इश्यू होगा।
एक और बड़ा आईपीओ एसबीआई म्यूचुअल फंड का होगा। इस आईपीओ की साइज 10,000 करोड़ रुपये है। सेबी की अप्रूवल मिली, तो भारत की यह सबसे बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनी जुलाई के पहले हफ्ते में बाजार में आ सकती है। SBI और Amundi दोनों कंपनी में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे।
यार्न और टेक्सटाइल सेगमेंट में काम करने वाली Aastha Spintex की नजर बढ़ती एक्सपोर्ट अपॉर्च्युनिटीज पर है। यह आईपीओ 29 जून को खुलेगा। इसे 1 जुलाई तक सब्सक्राइब किया जा सकेगा। आईपीओ में प्राइस बैंड 125 से 136 रुपये है। आईपीओ साइज 170 करोड़ रुपये का है। ग्रे मार्केट में शेयर करीब 6 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा है।
अहमदाबाद की यह कंपनी फूड, फार्मा, एग्रोकेमिकल और पर्सनल केयर सेक्टर के लिए रिजिड प्लास्टिक पैकेजिंग बनाती है। यह आईपीओ 1 से 3 जुलाई तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा। प्राइस बैंड 161 से 170 रुपये है। आईपीओ साइज 439.50 करोड़ रुपये है। यह एक मैनबोर्ड आईपीओ है। ग्रे मार्केट में कंपनी का शेयर 14 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करता दिखा।
तमिलनाडु की इस डेयरी कंपनी को आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिल चुकी है। यह कंपनी 2026 में स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्टिंग के इरादे पर कायम है। पैसे का इस्तेमाल विस्तार, कर्ज कटौती और प्रीमियम डेयरी पोर्टफोलियो मजबूत करने में होगा। यह 2035 करोड़ रुपये का आईपीओ हो सकता है।
10 मिनट में डिलीवरी का दावा करने वाला यह क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कई फंडिंग राउंड के बाद IPO की तरफ बढ़ रहा है। Blinkit, Swiggy Instamart और Flipkart Minutes से सीधी टक्कर के बीच कंपनी का डार्क स्टोर नेटवर्क तेजी से बड़ा हो रहा है।
बाजार की अस्थिरता के चलते पहले लिस्टिंग टाल चुकी इस लाइफस्टाइल कंपनी ने अब फिर से कमर कस ली है। कपड़े, होम फर्निशिंग और ऑर्गेनिक फूड तीनों सेगमेंट में मुनाफा सुधरने के बाद कंपनी बाजार में उतरने को तैयार है।
General Atlantic और Amazon जैसे निवेशकों द्वारा समर्थित यह डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म मोटर और हेल्थ इंश्योरेंस में तेजी से पांव जमा रहा है। नए जमाने की बीमा कंपनियों में इसका आईपीओ सबसे ज्यादा चर्चा में है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब जियो और एनएसई जैसे नाम एक साथ लाइन में हों, तो रिटेल निवेशकों की दिलचस्पी अपने आप बढ़ जाती है। लेकिन सावधानी जरूरी है। बड़े नाम का मतलब हमेशा बड़ा मुनाफा नहीं होता। प्राइमरी मार्केट में एक तरफ जियो और एनएसई जैसे पुराने और भरोसेमंद नाम हैं, तो दूसरी तरफ जेप्टो और एको जैसे नए प्लेयर, जो अभी मुनाफे की राह पर हैं। निवेशकों के लिए असली परीक्षा यही होगी कि वे इस भीड़ में सही कंपनी चुनें।