artificial intelligence job cuts: Meta 20 मई 2026 को करीब 8,000 कर्मचारियों की छंटनी करेगा जो कुल वर्कफोर्स का 10 फीसदी है। यह कदम घाटे की मजबूरी नहीं बल्कि AI में 135 अरब डॉलर के निवेश से जुड़ी रणनीतिक पुनर्संरचना का हिस्सा है।
Meta layoffs 2026: मेटा ने छंटनी के पहले दौर की योजना बना ली है। यह उसके अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी हो सकती है, जिसमें एक ही बार में 8000 कर्मचारियों को निकाल दिया जाएगा। यह मेटा के कुल ग्लोबल वर्कफोर्स का करीब 10 फीसदी हिस्सा है। राउटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह छंटनी 20 मई 2026 को की जा सकती है। सबसे अहम बात है कि यह छंटनी 2022-23 जैसी मजबूरी नहीं है, जब Meta का शेयर धड़ाम था और कंपनी नुकसान में थी। इस बार मार्क जकरबर्ग (Mark Zuckerberg) मुनाफे में हैं, कंपनी मजबूत है और फिर भी वह छंटनी कर रहे हैं।
इस लेऑफ की सबसे बड़ी वजह है एआई। दरअसल Meta ने सिर्फ इस साल 135 अरब डॉलर के कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत व्यय) करने की योजना बनाई है। इससे भी बड़ा आंकड़ा यह है कि 2028 तक अमेरिकी AI इन्फ्रास्ट्रक्चर में 600 अरब डॉलर लगाने का लक्ष्य है। इसका सीधा सा मतलब है कि जहां AI काम करेगा, वहां इंसान की जरूरत नहीं रहेगी। इसलिए जिस काम को एआई संभाल सकता है वहां इंसान की जरुरत नहीं है।
यह फैसला अचानक नहीं आया है, Meta 2026 की शुरुआत से ही छंटनी की राह पर है। जनवरी में Reality Labs डिवीजन से 1,000 से ज्यादा कर्मचारी निकाले गए। मार्च के अंत में सेल्स, रिक्रूटिंग और Facebook टीमों में छोटे पैमाने पर फेरबदल हुआ जिसमें कुल मिलाकर 1,000 से कम नौकरियां खत्म की गई थीं।। पिछले महीने Reuters ने ही पहली बार रिपोर्ट किया था कि Meta 20 फीसदी या उससे ज्यादा की छंटनी पर विचार कर रहा है।
हालांकि Meta ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि 20 मई को किन विभागों पर गाज गिरेगी, लेकिन पिछले महीनों का पैटर्न कुछ संकेत जरूर देता है। सेल्स, रिक्रूटिंग और ग्लोबल ऑपरेशंस पहले ही मार्च में छंटे जा चुके हैं। Reality Labs की जनवरी में बड़ी तादाद में कटौती हुई। इसके अलावा Meta ने नई AI इंजीनियरिंग संस्था बनाई है, जिसमें एक मैनेजर पर 50 कर्मचारियों का अनुपात रखा गया है।