
Personal Finance Tips: कम कमाई करने वाले लोगों के लिए हर महीने पैसे बचाना बड़ी चुनौती होती है। लेकिन कई बार समस्या सिर्फ कम सैलरी नहीं, बल्कि पैसे के सही इस्तेमाल की कमी भी होती है। अधिकतर लोगों को तो यही पता नहीं होता कि उनकी सैलरी कहां खर्च हो रही है। ऐसे में SEBI रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर अभिजीत कुमार ने एक सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 मिनट का एक फाइनेंशियल ऑडिट करके पता लगाया जा सकता है कि कमाई आखिर कहां खर्च हो रही है और बचत क्यों नहीं हो पा रही है। आइए जानते हैं।
यह बचत दर से पता लगा सकते हैं। बचत दर का मतलब है कि आप हर महीने कमाई में से वास्तव में कितना पैसा बचा रहे हैं। उदाहरण के लिए, अगर आपकी टेक-होम सैलरी 30,000 रुपये है और आप हर महीने 3,000 रुपये बचा लेते हैं, तो आपकी बचत दर 10 फीसदी हुई। अगर 6,000 रुपये बचाते हैं तो यह 20 फीसदी होगी। अगर यह 10 फीसदी से भी कम है, तो इसका मतलब है कि कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च हो रहा है और आपको अपने खर्चों की जांच करनी चाहिए।
अभिजीत कुमार ने इसके लिए सबसे पहले पिछले तीन महीने के बैंक स्टेटमेंट निकालने की सलाह दी है। इनमें होम लोन, पर्सनल लोन और यहां तक कि ‘नो-कॉस्ट’ EMI को भी जोड़ने को कहा है। उनके एक क्लाइंट को लगता था कि उसकी EMI सिर्फ 35,000 रुपये है, लेकिन असली रकम 68,000 रुपये निकली। यह उसकी टेक-होम सैलरी का 32 फीसदी था। यहां सलाह यह दी गई कि सभी EMI मिलाकर सैलरी के 40 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अकेली होम लोन EMI 30 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
अभिजीत के मुताबिक, अगर पहले खर्च किया जाए और बाद में बचत की जाए तो इस फॉर्मुले से अक्सर कुछ नहीं बचता। इसके बजाए SIP की ऑटो-डेबिट तारीख महीने की 1 या 2 तारीख को रखनी चाहिए, जिससे सैलरी आते ही निवेश हो जाए। इसे बचत बढ़ाने का सबसे असरदार तरीका बताया गया है।
इसके बाद हर महीने होने वाले छोटे खर्चों को देखना चाहिए। सब्सक्रिप्शन, ऐप रिन्यूअल, डिलीवरी फीस और इस्तेमाल न होने वाली जिम मेंबरशिप जैसी चीजों पर ध्यान दें। ऐसे खर्च जिनको आप भूल चुके है, वे 4,000 से 9,000 रुपये तक हो सकते हैं। जो खर्च जरूरी नहीं है, उसे उसी दिन बंद कर दें।
अगला कदम छह महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाना है। इसे लिक्विड फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने की सलाह दी गई है, न कि शेयरों या सामान्य सेविंग अकाउंट में। वहीं, SIP शुरू करने से पहले इस फंड को प्राथमिकता देने की बात कही गई है।