
Stock Market आज गिरावट के साथ बंद हुआ है। (PC: AI)
Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार का प्रमुख सूचकांक निफ्टी-50 आज बुधवार को लगातार सातवें सत्र में लाल निशान पर बंद हुआ है। सितंबर 2025 के बाद से यह सबसे लंबी चली गिरावट है। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेत नहीं मिलने और क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी के चलते यह गिरावट देखने को मिली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 0.32 फीसदी या 76 अंक की गिरावट के साथ 24,078 पर बंद हुआ है। वहीं, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 0.42 फीसदी या 325 अंक की गिरावट के साथ 76,909 पर बंद हुआ है।
Stoxkart के डायरेक्टर और सीईओ प्रणय अग्रवाल के मुताबिक, जून 2026 तिमाही में कंपनियों के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं। देश के हाई-फ्रीक्वेंसी आर्थिक आंकड़े भी मजबूत तस्वीर दिखा रहे हैं। PMI एक्टिविटीज अच्छी बनी हुई है और खुदरा महंगाई आरबीआई के तय दायरे में है। मार्च 2026 के निचले स्तर से मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी रिकवरी देखने को मिली है। फिर भी सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी तेजी नहीं आ पा रही है। इसकी एक बड़ी वजह बड़े शेयरों का कमजोर प्रदर्शन और दुनिया भर से मिल रही आर्थिक चुनौतियां हैं। यानी घरेलू मोर्चे पर तस्वीर पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन ग्लोबल हालात बाजार की चाल पर ब्रेक लगा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच छह महीने से चल रहे संघर्ष को लेकर अभी भी कोई ठोस रास्ता नहीं निकला है। दोनों देशों के बीच सीजफायर आगे बढ़ाने को लेकर गतिरोध बना हुआ है। हालात बिगड़ने की आशंका ने बाजार की चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को और आगे बढ़ाते हैं, तो ईरान यूरोप में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने पर विचार कर सकता है।
बुधवार को सेंसेक्स के बंद होने के समय ब्रेंट क्रूड का भाव 1% से ज्यादा चढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। अगर लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा रहता है तो भारत के आयात का बिल बढ़ेगा। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा रहेगा और चालू खाता घाटा यानी CAD पर भी दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी भी बाजार के लिए चिंता का कारण बन सकती है। बुधवार को रुपया जुलाई के अंत के बाद अपने सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के अंत में रुपया 95.7525 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि पिछले सत्र में यह 95.68 के स्तर पर था।
बाजार के लिए सिर्फ मिडिल ईस्ट और तेल ही चिंता की वजह नहीं हैं। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी निवेशकों का मूड प्रभावित हो रहा है। अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.71% हो गई है। वहीं, 30 साल की बॉन्ड यील्ड 5.3% तक पहुंच गई है, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने के साथ अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद भी मजबूत हुई है। इसका असर दुनिया के दूसरे बाजारों पर पड़ता है, खासकर उभरते हुए बाजारों पर। जापान और जर्मनी में भी बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है, जिससे भारत जैसे बाजारों के सामने चुनौती और बढ़ गई है।
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो आज सबसे अधिक गिरावट निफ्टी केमिकल्स में 1.03 फीसदी दर्ज हुई है। इसके अलावा, निफ्टी 500 हेल्थकेयर में 0.51 फीसदी, निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर में 0.88 फीसदी, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.48 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 0.31 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.15 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.18 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 0.91 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 0.55 फीसदी और निफ्टी ऑटो में 0.27 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई है। इससे इतर निफ्टी मिडस्मॉल आईटी एंड टेलीकॉम में 0.25 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.03 फीसदी और निफ्टी आईटी में 0.73 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है।
| कंपनी का नाम | शेयर प्राइस | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|
| एचसीएल टेक्नोलॉजीज | ₹1,324.80 | 2.06% |
| जेएसडब्ल्यू स्टील | ₹1,285.80 | 1.44% |
| सन फार्मा | ₹1,900.00 | 1.33% |
| इटरनल | ₹320.00 | 1.30% |
| विप्रो | ₹179.55 | 0.84% |
| कोटक बैंक | ₹390.25 | 0.67% |
| टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज | ₹1,068.00 | 0.60% |
| इंफोसिस | ₹1,119.80 | 0.43% |
| टीसीएस | ₹2,289.00 | 0.39% |
| टाइटन | ₹5,068.00 | 0.38% |
| ट्रेंट | ₹2,953.00 | 0.37% |
| बजाज ऑटो | ₹11,645.00 | 0.33% |
| नेस्ले इंडिया | ₹1,465.00 | 0.17% |
| एसबीआई लाइफ | ₹1,780.40 | 0.13% |
| कंपनी का नाम | शेयर प्राइस | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|
| मैक्स हेल्थकेयर | ₹997.00 | -1.72% |
| कोल इंडिया | ₹400.00 | -1.70% |
| पावर ग्रिड | ₹263.50 | -1.68% |
| बजाज फाइनेंस | ₹1,080.20 | -1.29% |
| आईटीसी | ₹267.05 | -1.09% |
| जियो फाइनेंशियल सर्विसेज | ₹243.15 | -1.08% |
| रिलायंस इंडस्ट्रीज | ₹1,311.00 | -0.83% |
| टाटा स्टील | ₹184.00 | -0.81% |
| अपोलो हॉस्पिटल्स | ₹8,750.00 | -0.76% |
| डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज | ₹1,170.00 | -0.75% |
| आईसीआईसीआई बैंक | ₹1,402.00 | -0.71% |
| हिंदुस्तान यूनिलीवर | ₹2,020.70 | -0.70% |
| भारत इलेक्ट्रॉनिक्स | ₹409.20 | -0.68% |
| सिप्ला | ₹1,422.00 | -0.64% |
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
19 Aug 2026 04:42 pm
Published on:
19 Aug 2026 04:41 pm
