
Multibagger Stocks: शेयर बाजार में इन दिनों एक स्मॉलकैप कंपनी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइजेज (Bluspring Enterprises) का शेयर महज तीन महीने में 112 फीसदी का रिटर्न देकर मल्टीबैगर बन चुका है। कंपनी को वेदांता समूह से लगातार बड़े ऑर्डर मिलने के बाद शेयर में तेजी और मजबूत होती दिख रही है।
शुक्रवार के कारोबार में कंपनी का शेयर 52 हफ्ते के नए उच्च स्तर 131.60 रुपये तक पहुंच गया था। मार्च 2026 में यह शेयर 42.01 रुपये के 52 सप्ताह के निचले स्तर पर था। यानी सिर्फ चार महीने के भीतर इसमें करीब 194 फीसदी की उछाल आ चुका है। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर करीब 100 फीसदी चढ़ चुका है।
शेयर में हालिया तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी की सहयोगी कंपनी STEAG Energy Services (India) को मिला नया ऑर्डर है। कंपनी को हाल ही में अलग हुई वेदांता एल्युमिनियम मेटल से 1,437.17 करोड़ रुपये का ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) कॉन्ट्रैक्ट मिला है। यह समझौता कंपनी के 1,215 मेगावाट कैप्टिव पावर प्लांट के संचालन और रखरखाव के लिए है। यह कॉन्ट्रैक्ट 1 अगस्त 2026 से लागू होगा और इसकी अवधि पांच साल रहेगी।
यह पहला मौका नहीं है जब कंपनी को वेदांता से बड़ा काम मिला हो। पिछले महीने भी STEAG Energy Services (India) को वेदांता के 1,800 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट की यूनिट 1, 3 और 4 के लिए 1,219.85 करोड़ रुपये का व्यापक O&M कॉन्ट्रैक्ट मिला था। यह समझौता 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो चुका है और इसकी अवधि भी पांच साल है। इसके अलावा वेदांता पावर ने भी पिछले महीने कंपनी को अपने 600 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट के रखरखाव के लिए 406.43 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। यह अनुबंध भी पांच वर्षों के लिए है। लगातार मिले इन बड़े ऑर्डर्स से कंपनी की ऑर्डर बुक काफी मजबूत हुई है, जिसका असर शेयर की चाल पर भी दिखाई दे रहा है।
साल 2025 में स्थापित ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइजेज एक इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज कंपनी है। यह इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट के क्षेत्र में काम करती है और ग्राहकों को एंड-टू-एंड सेवाएं उपलब्ध कराती है। कंपनी की सेवाओं में सॉफ्ट सर्विसेज, हार्ड और इंजीनियरिंग सर्विसेज, प्रोडक्शन सपोर्ट, हाइजीन सर्विसेज और टेक्नोलॉजी आधारित फैसिलिटी मैनेजमेंट शामिल हैं।
वेदांता एल्युमिनियम मेटल भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने 24.2 लाख टन एल्युमिनियम का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का आधे से ज्यादा हिस्सा था। कंपनी ओडिशा के कालाहांडी जिले में 50 लाख टन सालाना क्षमता वाली एल्यूमिना रिफाइनरी संचालित करती है। इसके अलावा झारसुगुड़ा में 18.5 लाख टन सालाना क्षमता वाले दुनिया के सबसे बड़े एल्युमिनियम प्लांट्स में से एक मौजूद है। छत्तीसगढ़ में स्थित भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) का संचालन भी इसी समूह के पास है।