
Vedanta oil and gas share में गिरावट देखी जा रही है। (PC: AI)
Vedanta Group Shares Fall: वेदांता ग्रुप के डीमर्जर से बने शेयरों में अब मुनाफावसूली शुरू हो गई है। जिन शेयरों में निवेशकों ने अच्छा मुनाफा कमाया है, अब वे बिकवाली करते दिख रहे हैं। शुक्रवार को वेदांता के डीमर्जर से बने चार नए शेयरों में से 3 में जोरदार बिकवाली देखने को मिली, कुछ शेयर तो 8 फीसदी तक टूट गए। वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरल एंड स्टील में बड़ी मुनाफावसूली दिखाई दी। वहीं, वेदांता एल्युमिनियम मेटल में तेजी देखने को मिली।
वेदांता पावर आज सबसे ज्यादा पिटा है। बीएसई पर शुक्रवार सुबह यह शेयर 8 फीसदी लुढ़ककर 44.82 रुपये पर आ गया। वेदांता ऑयल एंड गैस भी शुरुआती कारोबार में करीब 7 फीसदी गिरकर 41.34 रुपये पर आ गया। वेदांता आयरन एंड स्टील में भी 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और शेयर 40.84 रुपये तक गिर गया। इसके साथ ही इस शेयर की 13 सत्रों से चली आ रही तेजी पर भी ब्रेक लग गया। इस दौरान स्टॉक ने 113 फीसदी का जबरदस्त रिटर्न दिया था, जिसके बाद अब मुनाफावसूली दिख रही है।
लेकिन इस बिकवाली की आंधी में एक शेयर टस से मस नहीं हुआ। यह वेदांता एल्युमिनियम मेटल है, जिसे ग्रुप का असली हीरा माना जाता है। यह शेयर आज 2 फीसदी की मजबूती के साथ 471 रुपये पर ट्रेड करता दिखा।
घरेलू ब्रोकरेज फर्म एमके ने वेदांता एल्युमिनियम मेटल पर खरीदारी की सलाह दी है। साथ ही 550 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, यह टार्गेट प्राइस मौजूदा भाव से करीब 19 फीसदी ऊपर है। शेयर में आज देखी जा रही तेजी की एक वजह यह भी है। एमके की रिपोर्ट में साफ लिखा है, "बाजार को अभी इस कंपनी की असली कमाई क्षमता का सही अंदाजा नहीं है। हमें लगता है कि इंडोनेशिया में कैपेसिटी बढ़ाने की घोषणाओं के बावजूद, वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में कैलेंडर ईयर 2028 तक कमी बनी रहेगी, क्योंकि वहां क्रियान्वयन में अड़चनें हैं और चीन का उत्पादन 45 मिलियन टन की सीमा में बंधा हुआ है।"
पिछले महीने सिटी ने भी इस शेयर पर भरोसा जताते हुए 560 रुपये का टार्गेट दिया था और इसे भारतीय मेटल सेक्टर की टॉप पिक बताया था। सिटी के मुताबिक बाल्को के विस्तार, वेदांता एल्युमिनियम की डीबॉटलनेकिंग, कैप्टिव एल्युमिना और घरेलू बॉक्साइट से मजबूत लागत ढांचे के चलते कंपनी वित्त वर्ष 2028 तक नेट कैश की स्थिति में पहुंच सकती है। सिटी का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027-28 में एल्युमिनियम की औसत कीमत करीब 3,400 डॉलर प्रति टन रहेगी और एलएमई कीमतों में हर 100 डॉलर के बदलाव से कंपनी के एबिटडा पर 4 से 5.5 फीसदी असर पड़ सकता है।
चारों वेदांता कंपनियों में सबसे तगड़ा रिटर्न वेदांता आयरन एंड स्टील ने दिया है। इस तेजी को और हवा मिली जब अजीम प्रेमजी की निवेश कंपनी पीआई अपॉर्च्युनिटीज एआईएफ वी एलएलपी ने लिस्टिंग के बाद बल्क डील के जरिए 102 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। विप्रो के चेयरमैन प्रेमजी की इस फर्म ने करीब 4.84 करोड़ शेयर 21.02 रुपये के भाव पर खरीदे। यह कंपनी भारत और अफ्रीका में लौह अयस्क की खोज, खनन और प्रोसेसिंग का काम करती है। साथ ही स्टील, वायर रॉड, टीएमटी बार, पिग आयरन, डक्टाइल आयरन पाइप और सीमेंट भी बनाती है।
वेदांता ऑयल एंड गैस के तहत केयर्न ऑयल एंड गैस आती है, जो खुद को भारत का सबसे बड़ा निजी अपस्ट्रीम प्लेयर बताता है। कंपनी की योजना 5 अरब डॉलर के निवेश से रोजाना 3 से 5 लाख बैरल उत्पादन तक पहुंचने की है। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि एक दशक पहले केयर्न की वैल्यू 14.5 अरब डॉलर थी और तब से अब तक यह कई गुना बढ़ चुकी है।
वेदांता पावर को लेकर ब्रोकरेज हाउसों में एकराय नहीं है। एमके इसे 51.7 रुपये की वैल्यू देता है तो कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज 60 रुपये आंकता है। नुवामा का अनुमान करीब 47 रुपये है, जबकि सीएलएसए इसे सिर्फ 35 रुपये के आसपास देखता है। कंपनी के पास पंजाब, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 4 गीगावाट से ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता है, जिसमें तलवंडी साबो थर्मल प्लांट और झारसुगुड़ा थर्मल प्लांट शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 33 तक देश की टॉप तीन प्राइवेट थर्मल पावर कंपनियों में शामिल होना है।
Updated on:
03 Jul 2026 01:39 pm
Published on:
03 Jul 2026 01:38 pm
