
Smallcap Stocks में इस साल अच्छी तेजी आई है। (PC: AI)
Multibagger Stocks: साल 2026 में अब तक बाजार में स्मॉलकैप शेयरों ने अच्छा रिटर्न दिया है। एक तरफ निफ्टी-50 कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव के दबाव में कमजोर रहा। वहीं दूसरी तरफ छोटे शेयरों ने निवेशकों को शानदार रिटर्न देकर चौंका दिया। साल 2026 में अब तक निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स करीब 10 फीसदी चढ़ चुका है, जबकि इसी दौरान निफ्टी-50 करीब 6 फीसदी टूटा है।
ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक, उसकी कवरेज में शामिल 168 स्मॉलकैप कंपनियों का मुनाफा सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा। खास बात यह रही कि करीब 68 फीसदी कंपनियों ने उम्मीद के बराबर या उससे बेहतर नतीजे दिए। यही वजह है कि निवेशकों का भरोसा भी मजबूत हुआ और अच्छी कमाई करने वाली कंपनियों में खरीदारी बढ़ती चली गई।
स्मॉलकैप शेयरों की वापसी में घरेलू निवेशकों की बड़ी भूमिका रही। म्यूचुअल फंड में SIP के जरिए लगातार पैसा आता रहा। दुनियाभर में अनिश्चितता के बावजूद भारतीय निवेशकों ने बाजार से दूरी नहीं बनाई। करीब दो साल की सुस्ती के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी फिर तेज हुई।
स्मॉलकैप रैली ने कई ऐसे शेयर दिए जिन्होंने निवेशकों की किस्मत बदल दी। HFCL इस साल अब तक करीब 212 फीसदी उछल चुका है। इसके बाद आदित्य इन्फोटेक ने लगभग 140 फीसदी रिटर्न दिया है। एक्यूटास केमिकल्स 109 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। सिर्मा SGS टेक्नोलॉजी करीब 94 फीसदी ऊपर है। टॉप-10 में शामिल बाकी कंपनियों ने भी 73 से 92 फीसदी तक का रिटर्न दिया है।
मार्च की बड़ी गिरावट के दौरान स्मॉलकैप शेयरों के वैल्यूएशन काफी नीचे आ गए थे। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और बाजार में जोखिम लेने की बढ़ती इच्छा ने तेजी को फिर से हवा दी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हालिया तेजी के बाद भी स्मॉलकैप शेयरों का प्राइस-टू-बुक वैल्यू पिछले पांच-छह साल के औसत से नीचे है। उनके मुताबिक, सबसे अहम बात यह है कि कंपनियों की कमाई लगातार बढ़ रही है और भू-राजनीतिक घटनाओं का असर स्मॉलकैप कंपनियों पर अपेक्षाकृत कम पड़ता है।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दो वित्त वर्षों में मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की कमाई बड़ी कंपनियों से तेज रहने की उम्मीद है। अनुमान है कि वित्त वर्ष 2027 में मिडकैप कंपनियों की आय करीब 21.6 फीसदी और स्मॉलकैप कंपनियों की आय 24.8 फीसदी तक बढ़ सकती है। JM Financial के आशीष चतुर्मोथा का कहना है कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स की मजबूती सिर्फ कीमतों में नहीं, बल्कि कंपनियों की कमाई में भी दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, हालिया तिमाही में मिडकैप कंपनियों का मुनाफा करीब 26 फीसदी और स्मॉलकैप कंपनियों का करीब 18 फीसदी बढ़ा, जबकि लार्जकैप कंपनियों की कमाई लगभग 11 फीसदी ही बढ़ी। यही वजह है कि बाजार इन कंपनियों को ज्यादा महत्व दे रहा है।
Published on:
03 Jul 2026 05:37 pm
