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WhatsApp पर PAN और Aadhaar भेजना पड़ सकता है बहुत भारी, जानिए कैसे शेयर करें ऐसे डॉक्यूमेंट्स

Digital Personal Data Protection: PAN, Aadhaar या बैंक स्टेटमेंट WhatsApp पर भेजने से पहले कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। RBI की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक बैंकिंग धोखाधड़ी में 23,953 मामले दर्ज हुए हैं। ऐसे में निजी नंबरों पर KYC दस्तावेज भेजने का जोखिम ज्यादा होता है।
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Aug 17, 2026
PAN Aadhaar Security
पर्सनल नंबर पर KYC के लिए दस्तावेज शेयर न करें। (फोटो: AI)

KYC Document Security: अगर कोई लोन एजेंट, प्रॉपर्टी ब्रोकर या होटल कर्मचारी आपसे PAN Card, Aadhaar Card या बैंक स्टेटमेंट WhatsApp पर भेजने को कहता है, तो आप तुरंत दस्तावेज भेज देते है। ऐसे में कुछ समय रुककर सोचना जरूरी है कि कहीं इससे धोखाधड़ी का शिकार तो नहीं हो जाएंगे। सबसे बड़ा रिस्क हमेशा यह नहीं होता कि कोई जानबूझकर आपके डेटा का गलत इस्तेमाल करेगा। दरअसल, ये दस्तावेज किसी व्यक्ति के फोन, लैपटॉप या क्लाउड बैकअप में सेव हो सकते हैं। बाद में फोन या अकाउंट हैक होने पर आपकी निजी और वित्तीय जानकारी गलत हाथों में पहुंच सकती है। आइए जानते हैं इससे बचने के उपाय क्या हैं और कैसे अपने दस्तावेजों को शेयर किया जाए।

निजी फोन पर KYC लेने से बढ़ता डेटा ट्रेल

डिजिटल ट्रस्ट प्लेटफॉर्म Digio के सह-संस्थापक और CEO अभिनव पाराशर के मुताबिक, ग्राहक को लगता है कि वह दस्तावेज बैंक या होटल को भेज रहा है, जबकि वास्तव में वह उसे किसी व्यक्ति के निजी डिवाइस पर भेज रहा होता है। इससे डेटा पर ग्राहक का नियंत्रण कम हो जाता है। वित्तीय क्षेत्र में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट्स यानी DSA का बड़ा नेटवर्क है, जो ग्राहकों को लोन देने वाली संस्थाओं से जोड़ने में मदद करता है। जब ऐसे एजेंट व्यक्तिगत नंबर से KYC दस्तावेज लेते हैं, तो जानकारी कंपनी की सामान्य साइबर सुरक्षा व्यवस्था से बाहर जा सकती है और एक ही दस्तावेज की कई कॉपी बन सकती हैं।

डेटा का गलत इस्तेमाल भी संभव

गलत हाथों में पहुंचने पर निजी जानकारी का इस्तेमाल अनचाहे कॉल और मैसेज भेजने के लिए किया जा सकता है। गंभीर मामलों में यह पहचान की चोरी में भी मदद कर सकती है। RBI की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में बैंकिंग धोखाधड़ी के 23,953 मामले दर्ज हुए, जिनमें 36,014 करोड़ रुपये की रकम शामिल थी।

सुरक्षित तरीका क्या है?

ऐसे में धोखाधड़ी से बचने के लिए PAN या Aadhaar की कॉपी किसी कर्मचारी के निजी WhatsApp नंबर पर भेजने के बजाय कंपनी के आधिकारिक डिजिटल फॉर्म या सुरक्षित डॉक्यूमेंट अपलोड सिस्टम पर शेयर करनी चाहिए। अभिनव पाराशर के अनुसार, कंपनियों को केवल दस्तावेज इकट्ठा करने के बजाय सलेक्टिव वेरिफिकेशन करना चाहिए। किसी कस्टमर से किसी कर्मचारी के WhatsApp नंबर पर PAN या आधार की कॉपी मंगवाने के बजाए, बिजनेस ऑफिशियल या बिजनेस-ओन्ड डिजिटल फॉर्म का इस्तेमाल किया जा सकता है। ये सिस्टम ऑटोमेटेड जांच कर सकते हैं। इसके साथ ही DigiLocker या UIDAI के ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) फ्रेमवर्क के जरिए भी जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।

PAN-Aadhaar भेजने से पहले ये करें

अगली बार कोई PAN, Aadhaar या बैंक स्टेटमेंट WhatsApp करने को कहे तो पहले कंपनी का आधिकारिक लिंक या सुरक्षित अपलोड पोर्टल मांगें। अगर कंपनी की अपनी वेरिफिकेेशन व्यवस्था है, तो उसका इस्तेमाल करें। अगर दस्तावेज भेजना जरूरी ही हो, तो उसे पासवर्ड से सुरक्षित फाइल के रूप में भेजें और पासवर्ड अलग माध्यम से साझा करें। PAN, Aadhaar और बैंक स्टेटमेंट मामूली PDF नहीं हैं, बल्कि इनमें आपकी निजी और वित्तीय पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी होती है।

Updated on:
17 Aug 2026 02:19 pm
Published on:
17 Aug 2026 02:19 pm