
Petrol Diesel Price Today 4 August 2026: केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल (ATF) के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में बड़ा इजाफा किया है। हालांकि, आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि इसका सीधा असर देश में पेट्रोल-डीजल के दामों पर नहीं पड़ेगा। यह टैक्स सिर्फ विदेश में तेल बेचने वाली कंपनियों पर लगता है, इंपोर्ट पर नहीं। वित्त मंत्रालय की नई अधिसूचना के मुताबिक ये दरें 3 अगस्त से लागू हो चुकी हैं। इसी बीच देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम 25 मई के बाद से स्थिर हैं।
वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन के मुताबिक, पेट्रोल के निर्यात पर टैक्स 2.5 रुपये से बढ़ाकर 3.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। डीजल पर टैक्स में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हुई है, जो 15.5 रुपये से बढ़कर 25.5 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यानी इसमें करीब 10 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, जेट फ्यूल (ATF) पर टैक्स 14.5 रुपये से बढ़ाकर 22 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। सोमवार देर शाम आई इस जानकारी के मुताबिक नई दरें 3 अगस्त से लागू हो चुकी हैं।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.18 | ₹97.83 |
| कोलकाता | ₹113.51 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.76 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.89 | ₹95.37 |
| बेंगलुरु | ₹111.68 | ₹99.56 |
| भुवनेश्वर | ₹109.33 | ₹101.02 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| लखनऊ | ₹101.86 | ₹95.36 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| जयपुर | ₹112.69 | ₹97.78 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सरकार ने यह कदम उठाया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद देश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और निर्यात के जरिए कमाए जाने वाले अनुचित मुनाफे पर रोक लगाना है। पेट्रोल पर टैक्स बढ़ाकर सरकार चाहती है कि देश से पेट्रोल निर्यात होकर बाहर कम जाए। सरकार हर 15 दिन में पेट्रोलियम उत्पादों के स्टॉक और कमाई की समीक्षा के आधार पर विंडफॉल टैक्स की दरें बदलती रहती हैं। 16 जुलाई को डीजल पर शुल्क 8.5 रुपये से बढ़ाकर 15.5 रुपये और ATF पर 7.5 रुपये से बढ़ाकर 14.5 रुपये किया गया था।
एनालिटिक्स फर्म Kpler के शिपिंग डेटा के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत का निर्यात एक साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। भारत ने जुलाई में पेट्रोल, डीजल और अन्य रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों का औसतन 15.3 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) निर्यात किया, जो पिछले 12 महीनों के औसत से 27 फीसदी अधिक है। Kpler के रिफाइनिंग लीड एनालिस्ट निखिल दुबे के मुताबिक, ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि रूस के डीजल निर्यात पर पाबंदिया लगी हैं। इसके अलावा यूरोप में डीजल की कमी और मजबूत डीजल मार्जिन के चलते भारतीय रिफाइनरियों को निर्यात का बड़ा मौका मिला।