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Plastic Notes: अगले वित्त वर्ष से चलन में आ सकते हैं 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक नोट

Polymer Notes India: RBI वित्त वर्ष 2028 में 10 और 20 रुपये के पॉलीमर नोट पायलट प्रोजेक्ट के तहत जारी कर सकता है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि ये नोट ज्यादा टिकाऊ होंगे और नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद करेंगे।
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Aug 05, 2026
RBI Polymer Notes India
मार्केट में जल्द ही प्लास्टिक नोट देखने को मिलेंगे PC-AI

Polymer Currency: भारत में जल्द ही 10 और 20 रुपये के प्लास्टिक (पॉलीमर) नोट देखने को मिल सकते हैं। लंबे समय से चर्चा में रहे इन नोटों को लेकर अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने तैयारी तेज कर दी है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया है कि पॉलिमर नोटों को लेकर पायलट प्रोजेक्ट चल रहा है और परीक्षण सफल रहने पर इन्हें वित्त वर्ष 2028 से बाजार में उतारा जा सकता है। इन नोटों की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि ये सामान्य कागज के नोटों की तुलना में ज्यादा समय तक चलेंगे, नकली नोटों पर रोक लगाने में मदद करेंगे और बार-बार नए नोट छापने की जरूरत भी कम होगी।

RBI का प्लास्टिक नोट प्रोजेक्ट: क्या बदलाव हो रहा है?

फिलहाल 10 और 20 रुपये के नोट होंगे शामिल

केंद्र सरकार ने RBI को फील्ड ट्रायल के लिए 10 रुपये और 20 रुपये के 1-1 अरब यानी कुल 2 अरब पॉलीमर नोट छापने की मंजूरी दी है। अभी पूरे देश में कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक नोट लाने की कोई योजना नहीं है। दोनों तरह के नोट कानूनी रूप से मान्य रहेंगे। RBI का कहना है कि पायलट प्रोजेक्ट के दौरान यह देखा जाएगा कि पॉलीमर नोट भारत की जलवायु, मौसम और यहां की व्यवस्था में कितने प्रभावी साबित होते हैं। परीक्षण के नतीजों के बाद ही यह तय किया जाएगा कि इन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जाए या इनमें कुछ बदलाव किए जाएं।

Cost of old and damaged notes

खराब और नकली नोटों की चुनौती

इस प्रोजेक्ट के लिए RBI की मुद्रा छापने वाली कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने विशेष सुरक्षा फीचर वाली पॉलीमर शीट की आपूर्ति के लिए वैश्विक टेंडर जारी किया है। पिछले 10 वर्षों में भारत में करीब 50 लाख करोड़ रुपये मूल्य के खराब नोट चलन से हटाए जा चुके हैं। वहीं, मुद्रा के सुरक्षा फीचर पर हर साल लगभग 5,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। वित्त वर्ष 2017 के बाद RBI ने हर 100 नए नोट जारी करने पर औसतन 71 खराब नोट वापस लिए हैं। नकली नोटों के मामले भी बढ़े हैं, इसलिए पॉलीमर नोटों को एक बेहतर विकल्प माना जा रहा है।

दुनिया के कई देशों में सफल रहे पॉलीमर नोट

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में बताया कि पॉलीमर नोटों की उम्र कागज के नोटों से काफी ज्यादा होती है। ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में ऐसे नोट लंबे समय तक चलते हैं और नकली नोटों के मामलों में भी कमी देखी गई है। इसके अलावा इनकी पूरी अवधि की लागत कम होती है।

Updated on:
05 Aug 2026 05:35 pm
Published on:
05 Aug 2026 05:35 pm