
नई दिल्ली। रियल एस्टेट सेक्टर में लगातार हो रही ग्रोथ के चलते भारतीय अचल संपत्ति मार्केट वर्ष 2030 तक एक हजार अरब डॉलर का होने की संभावनाएं हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में इस सेक्टर में कार्यरत लोगों की संख्या भी बढ़कर सात करोड़ तक हो सकती है। वर्ष 2019 में यह संख्या 5.5 करोड़ थी। हालांकि अभी गत वर्ष कोरोना संक्रमण तथा लॉकडाउन के चलते इस सेक्टर में थोड़ी गिरावट देखी गई थी परन्तु लॉकडाउन खुलने के बाद से इसमें फिर तेजी आई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कई वर्षों से प्रोपर्टी की लगातार बढ़ रही डिमांड तथा सरकार द्वारा इस सेक्टर में किए जा रहे सुधारों के मद्देनजर मार्केट में ग्रोथ हो रही है। इसके साथ ही इस वर्ष जून में केन्द्रीय मंत्रिमंडल की ओर से पारित मॉडल किराया कानून को भी राज्य सरकारों से जल्दी से जल्दी लागू करने की सिफारिश की गई है।
आने वाले समय में प्रोपर्टी भी होगी महंगी
देश के सबसे बड़े डेवलपर्स संगठन क्रेडाई के एक सर्वे के अनुसार आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन कॉस्ट में वृद्धि और मजदूरों की कमी से जूझ रहे बिल्डर जल्दी ही कीमतों में दस फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकते हैं। गत वर्ष के दौरान सीमेंट और स्टील की कीमतों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है।
दो से तीन वर्ष पहले था 200 अरब डॉलर का मार्केट
आंकड़ों के अनुसार आज से दो से तीन वर्ष पूर्व तक रियल एस्टेट सेक्टर का मार्केट लगभग 200 अरब डॉलर का था। वर्ष 2030 तक यह सेक्टर एक हजार अरब के आंकड़े को छू लेगा। अभी मार्केट का रुख देखते हुए इसमें सात से आठ वर्षों का समय लग सकता है परन्तु ऐसा अवश्य होगा।