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Stockal Scam: निवेशकों को बिना बताए पोर्टफोलियो से बेच डाले शेयर, 30 भारतीयों को करीब 100 करोड़ का नुकसान

Stockal Fraud Case: Stockal प्लेटफॉर्म से अमेरिकी शेयरों में निवेश करने वाले करीब 30 भारतीय निवेशकों ने बिना अनुमति उनके शेयर बेचे जाने का आरोप लगाया है। दावा है कि रकम से चीनी कंपनी Zhibao Technology के शेयर खरीदे गए, जिनमें भारी गिरावट आई।
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भारत

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Pawan Jayaswal

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Updated: 4 Nov 2026, 1:11 PM IST

Stockal Fraud Case

कई भारतीयों ने उनके पोर्टफोलियो में छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। (PC: AI)

अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश करने वाले कुछ भारतीय निवेशकों के पोर्टफोलियो में अचानक बड़ा बदलाव होने का मामला सामने आया है। करीब 30 निवेशकों ने आरोप लगाया है कि उनके डीमैट और निवेश खातों से Apple, Nvidia, Amazon, Tesla और Alphabet जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर बिना अनुमति बेच दिए गए। इन शेयरों को बेचने से मिली रकम से एक कम जानी-पहचानी चीनी कंपनी Zhibao Technology के लाखों शेयर खरीद लिए गए। बाद में इस कंपनी के शेयरों में करीब 60 फीसदी की गिरावट आ गई। निवेशकों का दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम में उन्हें 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है।

इस मामले में भारत और अमेरिका के बाजार नियामकों के पास शिकायतें की गई हैं। आरोपों के केंद्र में बेंगलुरु की फिनटेक कंपनी Stockal Securities है, जो भारतीय निवेशकों को अमेरिकी शेयर बाजार में निवेश की सुविधा देती है। निवेशकों का कहना है कि 15 अक्टूबर 2026 को उनके पोर्टफोलियो में रखे शेयर बिना उनकी जानकारी और मंजूरी के बेच दिए गए।

15 अक्टूबर को क्या हुआ था?

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रभावित निवेशकों ने 15 अक्टूबर को अपने निवेश खातों में अचानक बड़ा बदलाव देखा। जिन कंपनियों के शेयरों में उन्होंने लंबे समय से निवेश कर रखा था, वे बेच दिए गए थे। उनकी जगह नैस्डेक में लिस्ट चीनी कंपनी Zhibao Technology के शेयर खरीद लिए गए थे। इस कंपनी का अमेरिकी शेयर बाजार में ट्रेडिंग सिंबल ZBAO है। निवेशकों का आरोप है कि उन्होंने न तो इन शेयरों को बेचने का कोई ऑर्डर दिया था और न ही Zhibao Technology के शेयर खरीदने की मंजूरी दी थी। आइए समझते हैं कि निवेशकों को कैसे बड़ा नुकसान हुआ।

बड़ी कंपनियों के शेयर बेचे गए: निवेशकों के पोर्टफोलियो में मौजूद एपल, एनविडिया, अमेजन, टेस्ला, अल्फाबेट और एएमडी जैसी कंपनियों के शेयर बिना अनुमति के बेच दिये गए।
बिक्री से मिली रकम का किया इस्तेमाल: निवेशकों के मुताबिक, शेयर बेचकर मिली रकम को उनकी अनुमति के बिना नए शेयर खरीदने में लगा दिया गया।
चीनी कंपनी के शेयर खरीदे गए: इस रकम से Zhibao Technology के लाखों शेयर खरीदे गए।
निवेशकों को नुकसान हुआ: इसके बाद Zhibao Technology के शेयरों में करीब 60% की गिरावट आ गई, जिससे निवेशकों की पूंजी को बड़ा नुकसान पहुंचा।

दो निवेशकों के दावों से समझिए कितना हुआ नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार, 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के नुकसान का शुरुआती अनुमान दो निवेशकों से मिली जानकारी पर आधारित है। यह सभी प्रभावित खातों के नुकसान का सटीक आंकड़ा नहीं है। रिपोर्ट में 2 पीड़ित निवेशकों के बारे में बताया गया। प्रभावित निवेशकों में एक प्रमुख बेवरेज कंपनी के सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। उनका दावा है कि अमेरिकी शेयर बाजार में उनके 10 बड़े निवेश बेच दिए गए। इनमें एपल, टेस्ला, अमेजन, अल्फाबैट, एनवीडिया और एएमडी जैसी कंपनियों के शेयर शामिल थे। इन शेयरों को बेचकर करीब 3,35,768 डॉलर मिले। निवेशक के मुताबिक, इस पूरी रकम से औसतन 1.05 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर Zhibao Technology के 3 लाख शेयर खरीद लिए गए। निवेशक ने करीब 4.26 करोड़ रुपये यानी 4,50,000 डॉलर के नुकसान का अनुमान लगाया है। उनका कहना है कि इन सौदों के लिए उन्हें सामान्य तौर पर मिलने वाले अलग-अलग ट्रेड कन्फर्मेशन और अलर्ट भी नहीं मिले।

निवेशक के अनुसार, Stockal की मूल कंपनी Borderless ने 18 अक्टूबर को उनसे संपर्क किया था। कंपनी ने कथित तौर पर बताया कि 15 अक्टूबर को खाते में संदिग्ध गतिविधियां हुई थीं और DriveWealth ने खाते की गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। इस मामले में निवेशक ने सेबी और अमेरिकी बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) से शिकायत की है। उन्होंने जांच और मुआवजे की मांग की है।

2 मिनट में बिका 29 करोड़ का पोर्टफोलियो

रिपोर्ट में एक दूसरे निवेशक के हवाले से बताया गया कि उनके करीब 31 लाख डॉलर यानी लगभग 29 करोड़ रुपये के शेयर बिना अनुमति बेच दिए गए। उनका दावा है कि पूरा पोर्टफोलियो महज दो मिनट में बेच दिया गया। इसके बाद मिली रकम से 15 मिनट के भीतर कम ट्रेड वाले शेयर की करीब 30.5 लाख यूनिट खरीद ली गईं। निवेशक का कहना है कि इन सौदों के दौरान न तो कोई वेरिफिकेशन किया गया, न सूचना दी गई और न ही उन्हें हस्तक्षेप करने का मौका मिला। उनके मुताबिक, अब तक उनका खाता पहले जैसी स्थिति में बहाल नहीं किया गया है और न ही नुकसान की भरपाई हुई है। इस शिकायत के संबंध में बेंगलुरु में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

Zhibao Technology के शेयर क्यों बने नुकसान की वजह?

इस पूरे मामले में चीनी कंपनी Zhibao Technology का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह कंपनी अमेरिका के नैस्डेक एक्सचेंज में लिस्ट है। इसके शेयरों में एपल और एनवीडिया जैसी बड़ी कंपनियों के मुकाबले काफी कम कारोबार होता है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक निवेशक के खाते से बेचे गए शेयरों की रकम से Zhibao Technology के 3 लाख शेयर औसतन 1.05 डॉलर की कीमत पर खरीदे गए थे। इसके बाद कंपनी के शेयर में तेज गिरावट आई। 23 अक्टूबर को इसका भाव गिरकर 0.42 डॉलर पर बंद हुआ। यानी शेयर करीब 60 फीसदी टूट गया।

इस गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उनका कहना है कि उन्होंने इस कंपनी में निवेश करने का फैसला ही नहीं लिया था। हालांकि, शेयर की कीमत में गिरावट बाजार से जुड़ी घटना है, जबकि बिना अनुमति शेयर खरीदने का आरोप अलग मामला है। निवेशकों का वास्तविक नुकसान इस बात पर निर्भर करेगा कि कितने शेयर खरीदे गए, किस कीमत पर सौदे हुए, बाद में कोई लेनदेन हुआ या नहीं और खातों में अब कितने शेयर बचे हैं।