
Why Stock Market Rise Today: शेयर बाजार में आज शुक्रवार को भारी तेजी देखी जा रही है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 1000 अंक चढ़ गया। सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर यह 0.93 फीसदी या 688 अंक की तेजी के साथ 74,521 पर ट्रेड करता दिखा। इस समय एनएसई निफ्टी 0.81 फीसदी या 186 अंक बढ़कर 23,351 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। बैंक निफ्टी में भी 1.31 फीसदी या 718 अंक की भारी तेजी देखी गई है। उधर निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में प्रत्येक करीब 1.5 फीसदी की तेजी के साथ ट्रेड करते दिखाई दिए। बाजार में आई इस तेजी से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का इजाफा हुआ है। इससे यह 459 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। आइए जानते हैं कि बाजार में आई इस तेजी के क्या कारण हैं।
मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के संकेतों ने निवेशकों को राहत दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही शांति समझौता हो सकता है, जिससे वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट दोबारा सामान्य रूप से संचालित हो सकेगा। हालांकि, ईरान ने स्पष्ट किया है कि किसी अंतिम समझौते पर अभी मुहर नहीं लगी है, लेकिन संभावित वार्ता की खबरों ने वैश्विक निवेशकों की चिंता कम कर दी।
अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले की योजना वापस लेने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रहा। ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी गिरकर 88.55 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.8 फीसदी फिसलकर 86.11 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में शामिल है। ऐसे में तेल सस्ता होना देश के लिए सकारात्मक माना जाता है। इससे आयात बिल कम हो सकता है, महंगाई पर दबाव घट सकता है और कंपनियों की कमाई को भी सपोर्ट मिल सकता है। यूएस-ईरान के बीच शांति समझौता होता है, तो कच्चे तेल में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है।
भूराजनीतिक तनाव कम होने की खबरों का असर दुनिया के लगभग सभी बड़े बाजारों पर दिखाई दिया। अमेरिका में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। बीते सत्र में डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 929.97 अंक यानी 1.86 फीसदी चढ़कर 50,848.75 पर बंद हुआ था। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 127.31 अंक की बढ़त के साथ 7,394.30 पर पहुंचा। टेक्नोलॉजी शेयरों से भरा नैस्डैक कंपोजिट 640.16 अंक यानी 2.54 फीसदी मजबूत होकर 25,809.66 के स्तर पर बंद हुआ था। एशियाई बाजारों में भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। जापान का निक्की 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8 फीसदी से अधिक उछल गया।
बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। इसकी एक बड़ी वजह भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से विदेशी मुद्रा उधारी से जुड़े बैंकों के लिए विशेष फॉरेक्स स्वैप सुविधा का ऐलान रहा। नोमुरा के विश्लेषकों के मुताबिक, जब बैंक अपने डॉलर डिपॉजिट को RBI के साथ स्वैप करेंगे, तो उनकी रुपये की उपलब्धता बेहतर होगी। इससे महंगे डिपॉजिट पर निर्भरता घटेगी और बैंकों को ज्यादा कर्ज देने में मदद मिलेगी। यही कारण है कि बैंकिंग शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
टेक्निकल चार्ट्स में निफ्टी की स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हुई है। जब तक सूचकांक 23,300 से 23,350 के दायरे के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का रुख सकारात्मक माना जा सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यदि निफ्टी 23,500 के ऊपर मजबूती से टिकता है तो इसमें 23,700 और उससे ऊपर के स्तर देखने को मिल सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर 23,100 का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो बिकवाली बढ़ सकती है और निफ्टी 22,900 के आसपास तक फिसल सकता है।