
आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है। (PC: AI)
IT Shares Rise Today: वैश्विक बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली का असर मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में देखने को मिला। लंबे समय से दबाव झेल रहे आईटी शेयरों में अचानक खरीदारी लौट आई। कोफोर्ज का शेयर करीब 10 फीसदी तक उछल गया। जबकि TCS, Infosys, HCL Tech, Wipro और Tech Mahindra के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि AI सेक्टर में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों की सोच बदलती दिख रही है। अब कई निवेशकों को लगने लगा है कि पारंपरिक आईटी सर्विस कंपनियों के लिए आगे का रास्ता पहले से बेहतर हो सकता है। यही कारण है कि आईटी शेयरों में तेजी देखी जा रही है।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा चर्चा कोफोर्ज की रही। कंपनी के मजबूत जून तिमाही नतीजों के बाद इसके शेयर में करीब 10 फीसदी की तेजी आई। वहीं, मिडकैप आईटी कंपनी Persistent Systems के शेयर भी 4 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए। बड़ी आईटी कंपनियों की बात करें तो एनएसई पर TCS का शेयर दोपहर 12 बजकर 44 मिनट पर 4.77 फीसदी बढ़कर 2,405 रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा, इन्फोसिस में 3.3 फीसदी, एचसीएल टेक में 3 फीसदी और विप्रो में करीब 1.1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स इस समय 3.90 फीसदी की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा।
अमेरिकी बाजार में सोमवार रात एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। Nvidia, Micron और SanDisk के शेयर 11 फीसदी तक टूट गए। इसके बाद दक्षिण कोरिया में भी AI से जुड़ी कंपनियों SK Hynix और Samsung के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट आई है। बाजार में सबसे बड़ा सवाल यह है कि AI पर अरबों डॉलर खर्च करने वाली कंपनियों को आखिर इस निवेश से कितना फायदा मिलेगा। अगर कमाई उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ी, तो इतना बड़ा निवेश कितना टिकाऊ रहेगा, यही चिंता निवेशकों को परेशान कर रही है।
एआई और चिप सेक्टर में चीन की बढ़ती ताकत भी निवेशकों की चिंता का कारण बन रही है। चीन की मेमोरी चिप कंपनी CXMT की शेयर बाजार में जोरदार लिस्टिंग हुई और उसका शेयर करीब 500 फीसदी तक उछल गया। साथ ही खबरें आईं कि चीन की सरकारी समर्थन वाली एक कंपनी ने Immersion DUV Lithography मशीनों का उत्पादन शुरू कर दिया है। इससे दक्षिण कोरियाई और अन्य वैश्विक चिप कंपनियों के लिए कंपटीशन बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का मानना है कि भारतीय आईटी सेक्टर में तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। फर्म के अनुसार, 50 से ज्यादा विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPI) से बातचीत में भारत को लेकर सकारात्मक रुख देखने को मिला है। ब्रोकरेज का कहना है कि एआई ट्रेड में आई सुस्ती का फायदा भारतीय आईटी कंपनियों को मिल सकता है। इसी वजह से उसने लंबे समय से आईटी सेक्टर पर रखी अपनी नकारात्मक राय वापस ले ली है और इन्फोसिस को अपनी पसंदीदा कंपनियों की सूची में शामिल किया है। इसके अलावा मॉडल पोर्टफोलियो में कोफोर्ज का वेटेज भी बढ़ाया गया है।
आईटी सेक्टर इस साल अब तक करीब 25 फीसदी गिर चुका है। टीसीएस, इन्फोसिस, एचसीएल टेक और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर पिछले दो वर्षों के उच्च स्तर से करीब 35 से 50 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं। जेफरीज का मानना है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान कमाई की रफ्तार भले ही सीमित रहे, लेकिन अगर AI से जुड़ी चिंताएं कम होती हैं, तो आईटी शेयरों में अच्छी रिकवरी देखने को मिल सकती है।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)
Updated on:
28 Jul 2026 01:16 pm
Published on:
28 Jul 2026 01:16 pm
