
क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आई है। (PC: AI)
Petrol Diesel Price Today 28 July 2026: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीदों से मंगलवार को कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। अमेरिका द्वारा हमले रोकने के बाद बाजार को उम्मीद है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होगा और तेल की सप्लाई सामान्य हो सकेगी। वहीं, क्रूड के दाम में लगातार भारी उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत में पेट्रोल- डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है।
ब्रेंट क्रूड सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर 1.34 डॉलर यानी 1.53 प्रतिशत गिरकर 86.58 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 1.3 डॉलर यानी 1.58 प्रतिशत टूटकर 80.72 डॉलर पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले ब्रेंट क्रूड में 8.7 प्रतिशत और WTI में 7.5 प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी, जो पिछले एक हफ्ते का सबसे निचला स्तर था।
भारत में रिटेल ग्राहकों के लिए फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर हैं। इनमें किसी प्रकार का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। जानिए अपने शहर में फ्यूल के दाम।
| शहर | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| कोलकाता | ₹113.47 | ₹99.82 |
| मुंबई | ₹112.40 | ₹99.03 |
| चेन्नई | ₹107.87 | ₹99.65 |
| गुरुग्राम | ₹102.75 | ₹95.42 |
| नोएडा | ₹101.92 | ₹95.40 |
| बेंगलुरु | ₹111.37 | ₹99.26 |
| भुवनेश्वर | ₹108.97 | ₹100.68 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| हैदराबाद | ₹115.69 | ₹103.82 |
| जयपुर | ₹112.66 | ₹97.78 |
| लखनऊ | ₹101.77 | ₹95.29 |
| पटना | ₹113.37 | ₹99.36 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹115.49 | ₹104.40 |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी दिशा में चल रही है और समाधान संभव है। इससे बाजार को उम्मीद है कि तेल सप्लाई जल्द बहाल होगी। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत बेनतीजा रही तो अमेरिका फिर से हमले शुरू कर सकता है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसी बीच होर्मुज अभी भी नाकेबंदी के चलते बंद है, दूसरी तरफ ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने भी बाब अल-मंडेब पर नियत्रंण की कोशिश की है।
जेपी मॉर्गन के अनुसार सप्लाई बाधा हर महीने बढ़ने पर ब्रेंट क्रूड की कीमत 7 से 8 डॉलर तक बढ़ सकती है और अगर यह बाधा तीन महीने तक चलती है तो कीमत 114 डॉलर तक पहुंच सकती है। गोल्डमैन सैश ने भी चेतावनी दी कि होर्मुज में बाधा बनी रही तो कीमत 120 डॉलर तक जा सकती है। लेकिन अगर तनाव कम होता है तो उम्मीद है कि इस साल की चौथी तिमाही में औसत कीमत 80 डॉलर और अगले साल 75 डॉलर रह सकती है।
कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि अगर खाड़ी की बड़ी तेल निर्यात सुविधाओं पर हमला हुआ तो कीमतें 95 से 100 डॉलर तक फिर पहुंच सकती हैं। मंगलवार की गिरावट के बावजूद कच्चा तेल इस महीने अब भी करीब 30 फीसदी महंगा बना हुआ है, क्योंकि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही अब भी सामान्य से काफी कम है।
Updated on:
28 Jul 2026 09:38 am
Published on:
28 Jul 2026 09:24 am
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