
शादी के बाद EPF में E-Nomination करना अनिवार्य है। (फोटो: AI)
EPF E-Nomination: अगर आपने नौकरी शुरू करते समय EPF में माता-पिता या किसी अन्य व्यक्ति को नॉमिनी बनाया था और बाद में शादी हो गई है, तो अब आपको अपना EPF नॉमिनेशन अपडेट करना जरूरी है। दरअसल, EPF Scheme 2026 के अनुसार शादी के बाद, पहले से की गई नॉमिनेशन ऑटोमेटिकली इनवैलिड हो जाती है। ऐसे में कर्मचारी की मृत्यु होने पर PF, पेंशन और बीमा का पैसा मिलने में परिवार को अतिरिक्त दस्तावेज देने पड़ सकते हैं और क्लेम के निपटारे में देरी हो सकती है। इसलिए शादी के बाद नई E-Nomination करना बेहद जरूरी है।
EPF Scheme 2026 के Paragraph 44 में स्पष्ट प्रावधान है कि विवाह के बाद सदस्य को नई नॉमिनेशन जमा करनी होगी। शादी से पहले की गई नॉमिनेशन ऑटोमेटिकली अमान्य मानी जाएगी। असल में, शादी होते ही नए नॉमिनेशन की जरूरत पड़ जाती है। यह नियम तब भी लागू होता है जब आपने नौकरी बदली हो या एम्प्लॉयर बदला हो।
ऐसे में यह सवाल उठ सकता है कि क्या शादी के बाद पत्नी को ही नॉमिनी बनाना पड़ेगा। नियमों के मुताबिक ऐसा नहीं है। लेकिन शादी के बाद नई नॉमिनेशन करना अनिवार्य है। इसके साथ ही EPF नियमों के अनुसार पात्र परिवार के एक या एक से अधिक सदस्यों को नॉमिनी बनाया जा सकता है। सभी नॉमिनी के हिस्से का कुल योग 100 फीसदी होना चाहिए।
नई नॉमिनेशन केवल EPF बैलेंस के लिए ही नहीं, बल्कि कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा-लिंक्ड इंश्योरेंस (EDLI) पर भी लागू होती है। EDLI योजना के तहत पात्र परिवार को नियमों के अनुसार अधिकतम 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। हालांकि, वैध नॉमिनेशन नहीं होने पर पैसा जब्त नहीं होगा। PF, पेंशन और बीमा की राशि पात्र परिवार या कानूनी उत्तराधिकारियों को मिलेगी। लेकिन इसके लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं और क्लेम सेटलमेंट में अधिक समय लग सकता है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि शादी के अलावा बच्चे के जन्म होने, तलाक होने और पहले से नामित नॉमिनी की मृत्यु होने जैसी स्थितियों में भी EPF नॉमिनेशन को अपडेट करना चाहिए। इससे भविष्य में परिवार को कानूनी और प्रक्रिया संबंधी परेशानियों से बचाया जा सकता है।
Updated on:
27 Jul 2026 05:09 pm
Published on:
27 Jul 2026 05:09 pm
