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RBI लॉन्च करेगी खुद की डिजिटल करेंसी, ये होंगे फायदे

सेंटल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के क्रियान्वयन के लिए रिजर्व बैंक इसे पायलट आधार पर थोक और खुदरा क्षेत्रों में जल्द पेश करने की प्रक्रिया में है।
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Updated: 24 Jul 2021, 7:46 AM IST
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नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिप्टी गर्वनर टी. रविशंकर ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक अपनी खुद की डिजिटल करेंसी लॉन्च करने के लिए एक योजना पर काम कर रहा है। नई करेंसी को सेंटल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) कहा जाएगा। इस योजना को कई स्टेप्स में अमली जामा पहनाया जाएगा। सेंटल बैंक डिजिटल करेंसी की लॉन्चिंग के लिए रिजर्व बैंक इसे पायलट आधार पर थोक और खुदरा क्षेत्रों में जल्द पेश करने की प्रक्रिया में है। हालांकि इसके लिए सरकार को डिजिटल करेंसी लॉन्च करने से पहले उसके लिए देश के विदेशी मुद्रा कानून के साथ साथ आईटी नियमों में भी जरूरी बदलाव करने होंगे।

CBDC से होंगे ये फायदे
सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी के जोखिम बेहद कम हैं परन्तु इसके कई फायदे होंगे। उदाहरण के लिए यह करेंसी लोगों को प्राइवेट डिजिटल करेंसी (या क्रिप्टोकरेंसी) की कीमतों में आने वाली उठापटक से बचाने में सहायता करेगी। इससे लोगों की कैश पर निर्भरता कम होगी और सेटलमेंट का जोखिम भी घट जाएगा।

वास्तव में सीबीडीसी सेंट्रल बैंक की ओर से जारी लीगल टेंडर होगा। फिएट करेंसी (जो अभी चलन में है) से इसका रूप अलग होगा परन्तु दोनों की आपस में अदला-बदली की जा सकेगी। हालांकि ऐसी स्थिति में कुछ विपरीत चीजों का भी सामना करना पड़ सकता है। उदाहरण के लिए बैंक से पैसे को अचानक से निकाल लेना। ऐसी स्थिति में बैंकों के सामने नकदी की शॉर्टेज हो सकती है।

CBDC लॉन्च करने से पहले कानून में भी होंगे बदलाव
वर्तमान में मौजूद कानूनों के अनुसार सीबीडीसी को लॉन्च नहीं किया जा सकता। अत: सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी लॉन्च करने से पहले संसद को सिक्का अधिनियम, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में संशोधन करना आवश्यक होगा। तभी इस करेंसी का प्रयोग किया जा सकेगा।

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