
Midwest Energy Share: आमतौर पर रिटेल निवेशक तेजी के बाद शेयर खरीदते हैं और बाद में गिरावट का सामना करते हैं, लेकिन बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, इन 10 शेयरों में ऐसा नहीं हुआ। कुछ ऐसे शेयर भी रहे हैं, जिनमें छोटे निवेशकों को 382 फीसदी तक का रिटर्न मिला। इसके साथ ही निवेशकों ने लगातार तीन तिमाहियों तक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई और उन्हें पिछले 1 साल में मल्टीबैगर रिटर्न मिला।
आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025, दिसंबर 2025 और मार्च 2026 की तिमाहियों में 10 कंपनियों में 1 लाख रुपये तक का निवेश रखने वाले रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ी। इसके आंकड़े निम्न है:
| कंपनी | सितंबर 2025 में 1 लाख तक निवेश वाले रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी | दिसंबर 2025 में 1 लाख तक निवेश वाले रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी | मार्च 2026 में 1 लाख तक निवेश वाले रिटेल निवेशकों की हिस्सेदारी |
|---|---|---|---|
| मिडवेस्ट एनर्जी | 4.37% | 4.40% | 5.34% |
| सियान एग्रो | 8.87% | 10.27% | 11.54% |
| जॉन कॉकरिल इंडिया | 15.74% | 18.01% | 18.67% |
| शांति एजुकेशनल | 1.62% | 9.42% | 10.10% |
| जयस्वाल नेको | 6.29% | 6.50% | 6.58% |
| नेटवेब टेक्नोलॉजीज | 12.65% | 13.86% | 16.15% |
| यश हाईवोल्टेज | 14.06% | 15.53% | 17.23% |
| टाइमेक्स ग्रुप | 22.85% | 26.77% | 27.00% |
| सैनसेरा इंजीनियरिंग | 9.24% | 9.52% | 10.84% |
| अपोलो माइक्रो सिस्टम्स | 29.64% | 31.28% | 33.06% |
मल्टीबैगर रिटर्न के तौर पर देखें तो पता चलता है कि इन 10 कंपनियों के शेयर में 100 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला। ये रिटर्न इंजीनियरिंग, डिफेंस, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, एजुकेशन, स्टील, टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे सेक्टर में देखने को मिला है। इसमें सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाली कंपनी मिडवेस्ट एनर्जी है, जिसका रिटर्न 1 साल में 382 फीसदी है।
| रैंक | सेक्टर | कंपनी | 1 साल का रिटर्न |
|---|---|---|---|
| 1 | एनर्जी | मिडवेस्ट एनर्जी | 382% |
| 2 | कृषि/इन्फ्रास्ट्रक्चर | सियान एग्रो इंडस्ट्रीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर | 261% |
| 3 | इंजीनियरिंग | जॉन कॉकरिल इंडिया | 172% |
| 4 | शिक्षा | शांति एजुकेशनल इनिशिएटिव्स | 163% |
| 5 | स्टील | जयस्वाल नेको इंडस्ट्रीज | 142% |
| 6 | टेक्नोलॉजी / एआई इंफ्रास्ट्रक्चर | नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया | 141% |
| 7 | इलेक्ट्रिकल उपकरण | यश हाईवोल्टेज | 141% |
| 8 | कंज्यूमर / घड़ियां | टाइमेक्स ग्रुप इंडिया | 131% |
| 9 | ऑटो कंपोनेंट | सैनसेरा इंजीनियरिंग | 127% |
| 10 | रक्षा एवं एयरोस्पेस | अपोलो माइक्रो सिस्टम्स | 118% |
यह आंकड़े बताते है कि निवेशकों ने कई तिमाहियों तक निवेश बढ़ाया। इस दौरान इन कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन भी मजबूत बना रहा। यह डेटा भारत के इक्विटी बाजार में छोटे निवेशकों की बढ़ती भागीदारी को दिखाता है। डायरेक्ट इन्वेस्टिंग और SIP के जरिए निवेशक लगातार मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि केवल रिटेल शेयरहोल्डिंग बढ़ने के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले कंपनी के कारोबार, कमाई में बढ़ोतरी, वैल्यूएशन और इंडस्ट्री का आउटलुक जरूर देखना चाहिए।