
Closing Auction Session: मंगलवार को शेयर बाजार में ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने कई निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। एक तरफ सेंसेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, तो वहीं दूसरी तरफ निफ्टी-50 में 1% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। आमतौर पर दोनों प्रमुख इंडेक्स एक जैसी दिशा में चलते हैं, इसलिए यह अंतर चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसकी वजह कोई बड़ी आर्थिक घटना या बड़ी बिकवाली नहीं है। इसके पीछे NSE का नया Closing Auction Session (CAS) सिस्टम है, जो 3 अगस्त से लागू हुआ है।
सोमवार को सेंसेक्स 544 अंक यानी 0.70% चढ़कर 78,639 पर बंद हुआ था। वहीं, Nifty 391 अंक यानी 1.60% की भारी-भरकम उछाल के साथ 24,774.30 पर बंद हुआ था। यानी निफ्टी, सेंसेक्स की तुलना में 0.90 फीसदी ज्यादा बढ़कर बंद हुआ। सोमवार को दिलचस्प बात यह रही कि निफ्टी में आखिरी दो मिनट के दौरान करीब 200 अंकों की तेज छलांग देखने को मिली। यह उछाल नए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम के कारण आया था। मंगलवार को उसी असामान्य बढ़त का असर Nifty में बड़ी गिरावट के रूप में दिखाई दिया। जबकि सेंसेक्स सामान्य रूप से ट्रेड करता दिखा।
ग्लोब कैपिटल मार्केट के एवीपी (रिसर्च) विपिन कुमार के मुताबिक, सोमवार को नए क्लोजिंग सिस्टम की वजह से निफ्टी स्पॉट इंडेक्स में एक ही टिक पर करीब 200 अंकों की बढ़त दर्ज हुई थी। दूसरी ओर सेंसेक्स और उसके फ्यूचर्स सामान्य तरीके से बंद हुए थे। कुमार का कहना है कि मंगलवार को जो अंतर दिख रहा है, वह किसी नई कमजोरी का संकेत नहीं है। यह सिर्फ सोमवार की असामान्य चाल का सामान्य होना है।
बाजार नियामक सेबी ने शेयरों के क्लोजिंग प्राइस को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए क्लोजिंग ऑक्शन सिस्टम शुरू किया है। इस व्यवस्था का मकसद यह है कि दिन के आखिर में शेयरों की कीमत वास्तविक मांग और आपूर्ति के आधार पर तय हो। साथ ही क्लोजिंग प्राइस में कृत्रिम बदलाव या हेरफेर की संभावना भी कम हो। सेबी ने इस बदलाव की घोषणा 16 जनवरी 2026 को की थी और इसे 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया। शुरुआती चरण में यह व्यवस्था केवल उन शेयरों पर लागू है, जिनमें फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) में कारोबार होता है।
एनएसई के अनुसार, नए सिस्टम के पहले ही दिन 515 ट्रेडिंग मेंबर्स ने इसमें हिस्सा लिया। इस दौरान 56,773 अलग-अलग PAN से ऑर्डर दर्ज किए गए, जिससे साफ है कि बाजार के प्रतिभागियों ने नई व्यवस्था को अच्छी प्रतिक्रिया दी।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट/म्यूचुअल फंड में निवेश जोखिम भरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)