Stock Market fall Reason: भारतीय रुपये के डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.23 पर चले जाने, क्रूड ऑयल में तेज उछाल और मिडिल ईस्ट तनाव से निवेशकों का सेंटीमेंट डाउन हुआ है। ऐसे में वे बिकवाली कर रहे हैं।
Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में आज भारी बिकवाली देखने को मिल रही है। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 430 अंक की गिरावट के साथ 74,807 पर खुला। शुरुआती कारोबार में यह 1.26 फीसदी या 949 अंक की गिरावट के साथ 74,327 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी शुरुआती कारोबार में 1.20 फीसदी या 282 अंक की गिरावट के साथ 23,368 पर ट्रेड करता दिखा।
बाजार में आई इस बिकवाली से बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले सत्र के 461 करोड़ रुपये से गिरकर 454 करोड़ रुपये रह गया है। इस तरह शुरुआती कारोबार में ही आज निवेशकों को करीब 7 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया है।
सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो आज सिर्फ एक निफ्टी आईटी को छोड़कर सभी सूचकांक लाल निशान पर ट्रेड करते दिखाई दिए। सबसे अधिक गिरावट निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2.60 फीसदी देखने को मिली। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी में 2.45 फीसदी और निफ्टी पीएसयू बैंक में 2.09 फीसदी की गिरावट दखाई दी। निफ्टी मेटल, निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी फार्मा और निफ्टी प्राइवेट बैंक में भी काफी बिकवाली देखने को मिली।
रविवार को संयुक्त अरब अमीरात के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर हुए टार्गेटेड ड्रोन हमले ने मिडिल ईस्ट में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है, जिससे ग्लोबल मार्केट्स के सेंटीमेंट पर भी असर पड़ा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर पहले ही अनिश्चितता में घिरा हुआ है। कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद दोनों पक्ष अब तक अपने विवाद को पूरी तरह सुलझा नहीं पाए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक नई चेतावनी देते हुए कहा है कि वह जल्द कदम उठाए, नहीं तो गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “ईरान के लिए समय तेजी से निकल रहा है। उन्हें बहुत जल्दी कदम उठाने होंगे, नहीं तो उनके पास कुछ भी नहीं बचेगा। समय बेहद महत्वपूर्ण है।”
मिडिल ईस्ट संकट गहराने से कच्चे तेल की कीमतें आज सोमवार को उछल गई हैं। सोमवार सुबह ब्रेंट क्रूड 1.78 फीसदी या 1.94 डॉलर की बढ़त के साथ 111.2 बैरल प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, क्रूड ऑयल WTI इस समय 2.13 फीसदी या 2.25 डॉलर की बढ़त के साथ 107.7 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। क्रूड ऑयल में आई इस तेजी से बाजार पर दबाव बना है।
भारतीय रुपये ने आज सोमवार को ताजा ऑल टाइम लो बनाया है। सोमवार को रुपया एक डॉलर के मुकाबले गिरकर 96.23 के रिकॉर्ड न्यूनतम स्तर पर गिर गया है। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड्स के बढ़ने से रुपये में यह गिरावट आई है। इस साल अब तक भारतीय करेंसी डॉलर के मुकाबले करीब 7 फीसदी गिर गई है। कुछ एक्सपर्ट्स का मानना है कि रुपया इस साल के आखिर तक गिरकर 100 का आंकड़ा छू सकता है।
यूएस बॉन्ड यील्ड्स में लगातार उछाल आ रहा है। इससे विदेशी निवेशक भारत जैसे उभरते बाजारों से बिकवाली करके यूएस बॉन्ड्स में पैसा लगा रहे हैं। बेंचमार्क यूएस 10 ईयर बॉन्ड यील्ड 4.62 फीसदी पर पहुंच गई है।