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Silver Price Crash: चांदी फिर टूटी 10,000 रुपये, कब रुकेगी ये गिरावट? जानिए कितने में खरीद सकते हैं

MCX पर चांदी पिछले क्लोज से करीब 10,539 रुपये टूटकर दिन के निचले स्तर 2,29,352 पर पहुंची। ग्लोबल बाजार में कमजोरी और डॉलर की मजबूती से दबाव बढ़ा है।

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Feb 17, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

Silver Price Crash: घरेलू वायदा बाजार में चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज गिरावट देखने को मिली है। पिछले कुछ सत्रों से जारी दबाव के बीच निवेशकों की नजर सपोर्ट लेवल पर टिकी है। आज कारोबार के दौरान चांदी अपने पिछले क्लोज 2,39,891 रुपये प्रति किलोग्राम से फिसलकर दिन के निचले स्तर 2,29,352 रुपये तक पहुंच गई, यानी लगभग 10,539 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज हुई।

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MCX पर सिल्वर फ्यूचर्स में दबाव (MCX Silver Crash)

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (MCX) पर सिल्वर में भारी बिकवाली देखी गई। कारोबार के दौरान चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव देखा गया। भारी गिरावट के साथ चांदी 2,34,155 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती नजर आई। चांदी के पिछले बंद भाव 2,39,891 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले आज का लो 2,29,352 रुपये रहा, जो लगभग 10,500 रुपये से ज्यादा की कमजोरी दर्शाता है।

ग्लोबल मार्केट में सिल्वर प्राइस (Global Silver Crash)

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सिल्वर का भाव करीब 74.355 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा, जहां करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। डॉलर इंडेक्स की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है। ग्लोबल कमजोरी का असर सीधे घरेलू वायदा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में गिरावट जारी रहती है तो घरेलू कीमतों में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

स्पॉट रेट और IBJA की कीमत (Silver Spot Price, IBJA Silver Rates)

इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा दरों के अनुसार सिल्वर 999 की कीमत लगभग 2,34,380 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। वहीं, गुडरिटर्न्स वेबसाइट के मुताबिक चांदी का रेट 260 रुपये प्रति ग्राम यानी 2,60,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बताया गया है। इससे साफ है कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतें 2,28,000 के नीचे टिकती हैं, तो गिरावट और गहरी हो सकती है, जबकि स्थिरता आने पर यह स्तर लंबी अवधि के निवेशकों के लिए आकर्षक खरीदारी का मौका बन सकता है।

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