
नए निवेशकों के लिए सेविंग शुरू करना कन्फ्यूजिंग हो सकता है। आरडी या पीपीएफ से लोग पहले से ही वाकिफ हैं, लेकिन एसआईपी हाल ही में प्रचलित होने लगा है। नए निवेशकों के लिए 4,000 रुपये की छोटी रकम से इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करना काफी आसान हो सकता है। इससे जेब पर ज्यादा असर भी नहीं पड़ेगा और सेविंग भी शुरु हो जाएगी। आज हम जानेंगे कि एसआईपी, आरडी या पीपीएफ में से आपके लिए सही विकल्प कौनसा हो सकता है, जिसमें सबसे ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना हो।
यदि 15 साल तक 4,000 रुपये हर महीने म्यूचुअल फंड की एसआईपी में लगाए जाते हैं, तो 15 साल में कुल 19,03,726 रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। यहां हमने 12 फीसदी औसत सालाना ब्याज दर मानी है। इस फंड में 11,83,726 रुपये ब्याज आय शामिल है।
यदि 15 साल तक 4,000 रुपये हर महीने आरडी में लगाए जाते हैं, तो 15 साल में कुल 7,20,000 रुपये का निवेश हो जाएगा। वहीं, अपेक्षित ब्याज दर 6.5% मानी जाए, तो कुल मूल्य 12,17,059 रुपये का होगा, जिसमें मुनाफा लगभग 4,97,059 रुपये का होगा।
जहां आरडी और एसआईपी में कोई न्यूनतम अवधि तय नहीं है, वहीं पीपीएफ में कम से कम 15 साल तक आपको निवेश करने की बाध्यता होती है। अगर 15 साल तक 4,000 रुपये हर महीने पीपीएफ में लगाए जाते हैं, तो 15 साल में कुल 7,20,000 रुपये का निवेश हो जाएगा। वहीं, अपेक्षित ब्याज दर 7.1% मानी जाए, तो कुल मूल्य 13,01,827 रुपये का होगा, जिसमें मुनाफा लगभग 5,81,827 रुपये का होगा।
| निवेश विकल्प | मासिक निवेश (₹) | अवधि | कुल निवेश (₹) | अनुमानित ब्याज दर (%) | मैच्योरिटी वैल्यू (₹) | कुल मुनाफा (₹) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| SIP (म्यूचुअल फंड) | 4,000 | 15 साल | 7,20,000 | 12% | 19,03,726 | 11,83,726 |
| RD (रिकरिंग डिपॉजिट) | 4,000 | 15 साल | 7,20,000 | 6.5% | 12,17,059 | 4,97,059 |
| PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) | 4,000 | 15 साल | 7,20,000 | 7.1% | 13,01,827 | 5,81,827 |
एसआईपी और आरडी शुरु कराने के बाद आपके पास विकल्प होता है कि अवधि से पहले आप खाता बंद करवा कर पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि, इसमें कुछ पैनल्टी कट सकती है। वहीं, पीपीएफ में ऐसा कोई विकल्प उपलब्ध नहीं होता। इसमें आपको न्यूनतम 15 साल तक निवेश करना होता है। हालांकि, 5 साल के बाद कुछ स्पेशल केस जैसे कोई जानलेवा बीमारी हो, आपको या आपके बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करनी हो या आप विदेश में निवास करने लगें। इस स्थिति में ब्याज दर घटा कर 6.1% कर दी जाती है और आपको पैसा मिल जाता है।