कारोबार

Hormuz Strait लगातार बंद रहा तो मंदी की चपेट में आ सकती है दुनिया, उधर आसमान पर होंगे कच्चे तेल के भाव

Crude Oil Prices: होर्मुज स्ट्रेट अगर लंबे समय तक बंद रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका काफी बुरा प्रभाव पड़ेगा। 2026 के आखिर तक यह बंद रहा तो क्रूड ऑयल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।
2 min read
May 22, 2026
Impact on Petrol and Diesel
Crude Oil Prices: होर्मुज बंद रहा तो क्रूड ऑयल के भाव काफी बढ़ सकते हैं। PC: Freepik

Crude Oil Price: क्रूड ऑयल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं। यह चेतावनी एनर्जी रिसर्च फर्म Wood Mackenzie की एक ताजा रिपोर्ट में दी गई है। अमेरिका ईरान युद्ध के बाद से ही वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मची हुई है। इस सारी उथल-पुथल का केंद्र है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज।

Wood Mackenzie की रिपोर्ट के मुताबिक अगर यह अहम समुद्री रास्ता बंद रहा तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को गहरी चोट लग सकती है। इस रिपोर्ट में तीन अलग-अलग स्थितियों के आधार पर आने वाले समय में तेल और गैस की कीमतों, सप्लाई चेन और दुनियाभर की इकॉनमी पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया गया है। Wood Mackenzie के इकॉनमिक्स हेड पीटर मार्टिन का कहना है कि होर्मुज का बंद रहना महज ऊर्जा संकट नहीं है, बल्कि यह वैश्विक व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों पर किया गया हमला है।

पहली स्थिति

इस रिपोर्ट में पहली स्थिति को सबसे आशावादी बताया गया है। इसमें बताया गया है कि युद्ध में शामिल सभी पक्ष जून 2026 तक समझौता कर लेते हैं, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को जल्द राहत देने वाला साबित होगा। अनुमान जताया गया है कि ऐसी स्थिति में ब्रेंट क्रूड के दाम 2026 के अंत तक करीब 80 डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकते है। वहीं, साल 2027 में ये गिरकर 65 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकते हैं।

दूसरी स्थिति

इस स्थिति में यह माना गया है कि अगर शांति वार्ता लंबी खिंचती है और 2026 की तीसरी तिमाही यानी कि जुलाई से सितंबर तक तेल और LNG की कमी बनी रहती है, तो इससे 2026 की दूसरी छमाही यानी कि जुलाई से दिसंबर तक दुनिया हल्की मंदी की चपेट में आ सकती है। इस स्थिति में आर्थिक दबाव बहुत ज्यादा रहेगा।

तीसरी स्थिति

रिपोर्ट में इस स्थिति को सबसे खतरनाक बताया गया है। अगर होर्मुज 2026 के अंत तक बंद रहता है और दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ा तो क्रूड की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, मांग में भारी गिरावट का अनुमान भी है।

रिपोर्ट के मुताबिक 2026 की दूसरी छमाही में ग्लोबल ऑयल डिमांड 60 लाख बैरल प्रतिदिन तक घट सकती है। वैश्विक जीडीपी 2026 में 0.4 फीसदी तक सिकुड़ सकती है। इस स्थिति में एशिया और यूरोप के देश हाइड्रोकार्बन पर निर्भरता घटाकर इलेक्ट्रिफिकेशन की ओर तेजी से बढ़ सकते हैं। अमेरिकी LNG एक्सपोर्टर्स के लिए यह स्थिति फायदेमंद साबित हो सकती है, क्योंकि वैकल्पिक सप्लाई की मांग बढ़ेगी।

होर्मुज क्यों है इतना अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का एक अहम समुद्री तेल मार्ग है और यह प्रमुख एनर्जी चोकप्वाइंट में से एक है। इसके बंद होने से दुनिया में तेल की सप्लाई बाधित हो गई है। फिलहाल खाड़ी देशों से रोजाना 1 करोड़ 10 लाख से ज्यादा बैरल क्रूड और कंडेंसेट का उत्पादन बाधित है। इसके अलावा सालाना 8 करोड़ मीट्रिक टन से ज्यादा LNG की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जो वैश्विक LNG आपूर्ति का करीब 20 फीसदी हिस्सा है।

Updated on:
22 May 2026 03:28 pm
Published on:
22 May 2026 03:28 pm