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Global Markets Ranking: दुनिया के टॉप शेयर बाजारों की लिस्ट में पिछड़ा भारत, सिर्फ 1 कंपनी की बदौलत ताइवान निकल गया आगे

Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार पांचवें स्थान से खिसककर छठे स्थान पर आ गया है। इस लिस्ट में टॉप पर अमेरिका है, जिसका मार्केट कैप 77.95 ट्रिलियन डॉलर है। दूसरे स्थान पर 15.61 ट्रिलियन डॉलर के साथ चीन आता है।
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May 26, 2026
global market cap ranking
Taiwan Stock Market रैंकिंग में पांचवे नंबर पर आ गया। (PC: ANI)

Share Markets Ranking: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की लहर ने दुनिया के शेयर बाजारों की रैंकिंग में नया बदलाव ला दिया है। मार्केट कैपिटलाइजेशन (m-cap) के मामले में ताइवान दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। ताइवान ने भारत के शेयर बाजार को पछाड़ते हुए उसे छटे स्थान पर धकेल दिया है। ब्लूमबर्ग के डेटा के मुताबिक ताइवान का मार्केट कैप 3.5 फीसदी उछलकर 4.95 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच गया, जबकि भारत का मार्केट कैप 4.92 ट्रिलियन डॉलर पर रह गया।

TSMC ने बदली पूरी तस्वीर

ताइवान की इस जबरदस्त छलांग के पीछे ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी यानी (TSMC) का सबसे बड़ा हाथ है। यह दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिपमेकर कंपनी है और AI चिप्स की बढ़ती मांग ने इसे सीधा फायदा पहुंचाया है। साल 2026 में अब तक TSMC का शेयर 43 फीसदी चढ़ चुका है। इसी के दम पर ताइवान का TAIEX इंडेक्स इस साल अब तक 48 फीसदी उछल चुका है। TSMC अकेले ताइवान के कुल मार्केट कैप का 40 से 50 फीसदी हिस्सा है।

दुनिया के 10 सबसे बड़े Stock Market

रैंकदेशमौजूदा मार्केट कैप (ट्रिलियन डॉलर)
1अमेरिका77.95
2चीन15.61
3जापान8.70
4हांगकांग7.25
5ताइवान4.95
6भारत4.92
7दक्षिण कोरिया4.54
8कनाडा4.54
9यूनाइटेड किंगडम3.99
10फ्रांस3.50
Source: Bloomberg

भारतीय बाजार पर क्यों पड़ा दबाव?

भारतीय शेयर बाजार पर दबाव के कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली इस साल अब तक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। NSDL के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक 2 लाख 27 हजार 602 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है जो पिछले साल के 1 लाख 66 हजार 286 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक और CIO जी चोक्कालिंगम के मुताबिक, जब भारतीय शेयर बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा तो विदेशी निवेशकों (FII) ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके अलावा रुपये में हो रही लगातार गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता को बढ़ा दिया है।

AI के मामले में पीछे है भारत

अगर बात करें ताइवान के शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल की तो ताइवान AI की सप्लाई चेन में सबसे आगे है। वहीं, भारत इस ग्लोबल टेक रैली से काफी हद तक पीछे है। Nifty 50 इस साल अब तक 8 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है और अगर यह गिरावट बनी रही तो यह पिछले 10 सालों में पहली सालाना गिरावट होगी।

नए नियमों से भी मिला फायदा

रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के नए नियम भी TSMC के पक्ष में हैं। पिछले महीने ताइवान के फाइनेंशियल रेगुलेटर ने घरेलू फंड्स द्वारा किसी एक शेयर में निवेश की सीमा 10 फीसदी से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दी। लेकिन यह सुविधा सिर्फ उन शेयरों को मिलेगी जिनका ताइवान स्टॉक एक्सचेंज में वेटेज 10 फीसदी से ज्यादा हो। फिलहाल इस शर्त को केवल TSMC ही पूरा करता है।

ताइवान के लिए यह जोखिम भी है

इस तेजी की वजह से ताइवान के शेयर बाजार में एक बड़ी चिंता भी बढ़ गई है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. विजय कुमार वीके के मुताबिक, TSMC अकेले ताइवान के कुल मार्केट कैप का 40-50 फीसदी हिस्सा बन चुका है। इसका मतलब है कि बाजार बहुत ज्यादा एक ही कंपनी पर निर्भर हो गया है, जिससे जोखिम भी बढ़ गया है।

क्या यह रैंकिंग बदल सकती है

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव स्थायी नहीं है। INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी का कहना है कि जब कोई एक थीम यानी कोई विशिष्ट क्षेत्र में बहुत तेजी से प्राइस बढ़ती है तो वह अस्थायी तौर पर किसी मजबूत बाजार को पीछे छोड़ सकती है।

डॉ. विजय कुमार का भी यही कहना है कि AI ट्रेड हमेशा नहीं चलेगा और इतिहास गवाह है कि dot com बूम जैसी थीम भी आखिरकार थम गई थी। भारत की सबसे बड़ी ताकत यह है कि यहां सैकड़ों अच्छी क्वालिटी की कंपनियां हैं और बाजार किसी एक सेक्टर पर निर्भर नहीं है।

Updated on:
26 May 2026 04:38 pm
Published on:
26 May 2026 04:38 pm