
नई दिल्ली। कई सालों से सरकारी हाथों में रही भारत की सबसे पुराणी एयरलाइन्स कंपनी एयर इंडिया को कुछ दिन पहले ही रतन टाटा के टाटा ग्रुप ने खरीद लिया है। कभी टाटा एयरलाइन्स के नाम से जाने जानी वाली एयर इंडिया एक बार फिर से टाटा के पास चले गई है। इसे एयर इंडिया की घर वापसी भी कहा जा रहा है। अब सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि 10 दिन में एयर इंडिया की चाबी रतन टाटा के हाथ में होगी। इस बारे में नागर विमानन सचिव राजीव बंसल ने बताया है की एयर इंडिया के विनिवेश की प्रोसेस 10 दिन में पूरी हो जाएगी। राजीव बंसल वर्तमान में एयर इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक भी है। उनके अनुसार एयर इंडिया की विनिवेश की प्रोसेस अब अपनी अंतिम स्टेज में है। टाटा ग्रुप को एयर इंडिया का इरादा पत्र पहले ही जारी कर दिया गया है और अब सिर्फ ज़रूरी राजस्व और पूंजीगत व्यय की प्रोसेस ही बाकी है।
टाटा ग्रुप की एयर इंडिया के लिए नई योजना
टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया को खरीदने के बाद से ही इसके लिए नई योजना तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया के साथ ही एयरलाइन बिज़नेस में अपनी सभी होल्डिंग्स को ऑन-बोर्ड करने के लिए एक नई बिज़नेस वर्टिकल बनाने की योजना बनाई है। नई बिज़नेस वर्टिकल एयर इंडिया एक्सप्रेस और एआईएसएटीएस में टाटा ग्रुप की रुचि रखेगा। इसके साथ ही ट्रैवल और टूरिस्म को ध्यान में रखते हुए एयर इंडिया को मज़बूत करने की भी योजना बनाई जाएगी।