
OPEC ने क्रूड का प्रोडक्शन बढ़ाने पर सहमति जताई है। (फोटो: IANS)
Petrol Diesel Price Today 6 July 2026: दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों पर सोमवार को दबाव देखने को मिला। इसकी सबसे बड़ी वजह OPEC+ देशों का अगस्त से तेल प्रोडक्शन बढ़ाने का फैसला और खाड़ी क्षेत्र से तेल निर्यात में होने वाला सुधार है। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ेगी, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, इस गिरावट के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। कीमतों में आखिरी बदलाव 25 मई को किया गया था।
सोमवार को सुबह 8 बजकर 15 मिनट पर ब्रेंट क्रूड का भाव 72.20 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 68.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिका में स्वतंत्रता दिवस की छुट्टी के कारण शुक्रवार को WTI का कारोबार बंद रहा था, जबकि ब्रेंट क्रूड शुक्रवार को 0.45 फीसदी की बढ़त के साथ बंद हुआ था।
क्रूड ऑयल के दाम पिछले कुछ हफ्तों से लगातार 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहे हैं। लेकिन फिर भी भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
| शहर | पेट्रोल (रुपये/लीटर) | डीजल (रुपये/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 102.12 | 95.20 |
| मुंबई | 111.21 | 97.83 |
| कोलकाता | 113.51 | 99.82 |
| चेन्नई | 107.77 | 99.55 |
| गुरुग्राम | 102.97 | 95.64 |
| नोएडा | 101.96 | 95.44 |
| चंडीगढ़ | 101.54 | 89.47 |
| हैदराबाद | 115.69 | 103.82 |
| जयपुर | 113.19 | 98.25 |
तेल निर्यातक देशों के संगठन OPEC और उसके सहयोगी देशों, जिनमें रूस भी शामिल है, ने रविवार को अगस्त से रोजाना 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य तय किया है। इससे पहले जून और जुलाई के लिए भी इसी तरह उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की गई थी। उत्पादन बढ़ाने के इस फैसले से बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, जिसका असर कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
रॉयटर्स के सर्वे के मुताबिक, जून में OPEC का तेल उत्पादन पिछले महीने की तुलना में 33 लाख बैरल प्रतिदिन बढ़कर 1.943 करोड़ बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया। इससे पहले उत्पादन दो दशक से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर आ गया था। दूसरी ओर, खाड़ी क्षेत्र का तेल निर्यात भी मई की तुलना में 30 लाख बैरल से अधिक बढ़कर जून में 1 करोड़ बैरल प्रतिदिन के पार पहुंच गया। हालांकि, OPEC+ ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन इसका पूरा असर अभी जमीन पर नहीं दिखा है। यह स्तर अब भी युद्ध से पहले के मुकाबले करीब 40 फीसदी कम है।
Updated on:
06 Jul 2026 09:58 am
Published on:
06 Jul 2026 08:56 am
