
IPO Market News: टेक्नोलॉजी के दम पर बीमा बेचने वाली कंपनी टर्टलमिंट का IPO इस समय बाजार में काफी चर्चा में है। एक तरफ बड़े संस्थागत निवेशकों ने कंपनी पर भरोसा दिखाया है, तो दूसरी तरफ कुछ ब्रोकरेज हाउस इसकी वैल्यूएशन और लगातार हो रहे घाटे को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। टर्टलमिंट का IPO 19 जून को खुला था और 23 जून को बंद होगा। कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 144 से 152 रुपये तय किया है। अपर बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन 4,500 करोड़ रुपये से अधिक बैठती है। दूसरे दिन दोपहर 1 बजे तक यह इश्यू 51 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। उधर रियासत लाइफस्टाइल का आईपीओ तीसरे दिन दोपहर तक सिर्फ 10 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया।
IPO खुलने से एक दिन पहले यानी 18 जून को कंपनी ने एंकर निवेशकों से 397.20 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी ने 32 एंकर निवेशकों को 2.61 करोड़ इक्विटी शेयर 152 रुपये प्रति शेयर के भाव पर आवंटित किए। इन निवेशकों में ICICI Prudential Mutual Fund, Mirae Asset Mutual Fund, BNP Paribas Financial Markets, Edelweiss Mutual Fund, Bajaj Life Insurance, Societe Generale और Axis Max Life Insurance जैसे बड़े नाम शामिल रहे।
साल 2015 में धीरेंद्र मह्यावंशी और आनंद प्रभुदेसाई ने टर्टलमिंट की शुरुआत की थी। कंपनी एक डिजिटल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म चलाती है, जहां ग्राहक सलाहकारों की मदद से बीमा खरीद सकते हैं और अपनी पॉलिसी मैनेज कर सकते हैं। कंपनी का दावा है कि उसके प्लेटफॉर्म के जरिए अब तक लगभग 1.6 करोड़ बीमा पॉलिसीज बेची जा चुकी हैं। कंपनी के नेटवर्क में 5 लाख से ज्यादा सलाहकार जुड़े हुए हैं। कंपनी 1.2 करोड़ से अधिक ग्राहकों को सेवाएं दे चुकी है और 90 करोड़ रुपये से ज्यादा के बीमा क्लेम सेटलमेंट में भी मदद की है।
दूसरे दिन दोपहर तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक IPO कुल 51 फीसदी सब्सक्राइब हो चुका था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 75 फीसदी सब्सक्राइब हुआ, जबकि रिटेल निवेशकों का हिस्सा 52 फीसदी और गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) का हिस्सा करीब 3 फीसदी भरा गया।
टर्टलमिंट के शेयर सोमवार दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर ग्रे मार्केट में केवल 0.35 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड करते दिखे। इस हिसाब से संभावित लिस्टिंग प्राइस करीब 152.35 रुपये बनता है, जो IPO के ऊपरी प्राइस बैंड से महज 0.23 फीसदी ज्यादा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में GMP लगातार कमजोर हुआ है। जहां अधिकतम प्रीमियम 6 रुपये तक पहुंचा था, वहीं अब यह काफी नीचे आ गया है। इसका मतलब है कि फिलहाल निवेशक लिस्टिंग गेन को लेकर बहुत उत्साहित नहीं दिख रहे।
SMIFS ने इस IPO को लॉन्ग टर्म के लिए 'सब्सक्राइब' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में बीमा पहुंच अभी भी कम है और टर्टलमिंट अपने विशाल सलाहकार नेटवर्क की मदद से इस अवसर का फायदा उठा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के पास 5.07 लाख से ज्यादा प्रमाणित PoSP और 6.32 लाख डिजिटल पार्टनर हैं। कंपनी के प्रीमियम का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बड़े महानगरों से बाहर के बाजारों से आता है, जो इसकी मजबूत पहुंच को दर्शाता है।
वहीं, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट ने इस आईपीओ को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी अभी भी घाटे में है और उसका रिटर्न ऑन नेटवर्थ (RoNW) निगेटिव 47.29 फीसदी है। इसके अलावा FY24 में कंपनी की आय में सालाना आधार पर 81 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी, जिससे भविष्य की कमाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी के कुल खर्च का 70 से 77 फीसदी हिस्सा डिजिटल पार्टनर्स को भुगतान में जाता है। ऐसे में मुनाफे का रास्ता फिलहाल आसान नजर नहीं आता।
आईपीओ से मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने, क्लाउड और सर्वर क्षमता बढ़ाने, टेक और प्रोडक्ट टीम के खर्च पूरे करने तथा ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों पर खर्च करने के लिए करेगी। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 29 जून को होगी।
जहां टर्टलमिंट को लेकर बाजार में चर्चा है, वहीं एथनिक वियर ब्रांड रियासत लाइफस्टाइल का SME IPO निवेशकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पाया है। यह IPO 18 जून को खुला था और 22 जून को बंद हो रहा है। कंपनी ने 102 से 108 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। 1,200 शेयरों का एक लॉट रखा गया है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 30.77 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। पूरा इश्यू 28.48 लाख नए इक्विटी शेयरों का है।
रियासत लाइफस्टाइल का आईपीओ सोमवार दोपहर तक कुल 10 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया। सबसे बड़ी बात यह है कि ग्रे मार्केट में इसके शेयरों पर कोई प्रीमियम नहीं चल रहा है। यानी फिलहाल निवेशकों को लिस्टिंग गेन की उम्मीद नजर नहीं आ रही। IPO का आवंटन 23 जून को होने की संभावना है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 25 जून को BSE SME प्लेटफॉर्म पर हो सकती है।