
US Fed Rate Cut: पिछले कुछ महीनों में होम लोन और पर्सनल लोन समेत सभी तरह के कर्ज पर ब्याज दरों में कमी आई है। जल्द ही इन ब्याज दरों में और कमी आ सकती है। यानी आपको सस्ता कर्ज मिल सकेगा। भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 29 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 के बीच होने वाली है। इस बैठक में आरबीआई रेपो रेट में कटौती कर सकता है। चालू वित्त वर्ष में आरबीआई अब तक रेपो रेट में 0.75 फीसदी की कटौती कर चुका है। आरबीआई ने अप्रैल में ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती की थी और उसके बाद जून में 0.50 फीसदी की कटौती की थी। इससे रेपो रेट घटकर 5.5 फीसदी पर आ गई है।
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने बुधवार रात बड़ा फैसला लिया है। फेड ने प्रमुख ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती कर दी है। साथ ही साल 2025 में 2 और रेट कट के संकेत दिये हैं। फेड ने बढ़ती बेरोजगारी के खतरे के बीच यह फैसला लिया है। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशक सस्ता कर्ज ले सकेंगे। आमतौर पर देखा गया है कि अमेरिका के रेट कट करने के बाद आरबीआई भी ब्याज दर में कटौती करता है।
निवेश सलाहकार बलवंत जैन ने पत्रिका डॉट कॉम को बताया कि अगली पॉलिसी बैठक में आरबीआई द्वारा रेट कट करने की पक्की उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा कि इस समय महंगाई पूरी तरह काबू में है। अगस्त में खुदरा महंगाई 2.07 फीसदी रही थी। यह आरबीआई के कंफर्ट जोन में है। ऐसे में आरबीआई के पास रेट कट की पर्याप्त गुंजाइश है। जैन ने कहा कि आरबीआई रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती कर सकता है।
जैन ने बताया, 'आरबीआई टैरिफ से प्रभावित सेक्टर्स को भी रेट कट के जरिए राहत देना चाहेगा। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी। कैपिटल इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। इस तरह आगामी आरबीआई पॉलिसी बैठक में रट कट की व्यापक उम्मीदे हैं।'
आरबीआई फिर से रेपो रेट घटाता है, तो कमर्शियल बैंकों को आरबीआई से सस्ता कर्ज मिल सकेगा। बैंक इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए होम लोन और पर्सनल लोन समेत सभी तरह के कर्ज पर ब्याज दरें घटाएंगे। पहले भी रेपो रेट में कटौती होने पर बैंकों ने लोन्स पर ब्याज दरों को घटाया है।