
अमेरिका की राजनीति और कारोबारी दुनिया पर मजबूत पकड़ रखने वाले भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी पहले से ज्यादा अमीर हो गए हैं। उनकी संपत्ति में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। फोर्ब्स के अनुसार, बीते 9 महीनों में उनकी नेटवर्थ में 80% का उछाल आया है। अब उनकी कुल दौलत 1.8 अरब डॉलर पहुंच गई है।
भारतीय मूल के अमेरिकी कारोबारी और नेता विवेक रामास्वामी मार्च में 1 अरब डॉलर की संपत्ति के मालिक थे और बड़ी मुश्किल से वर्ल्ड बिलेनियर लिस्ट में जगह बना पाए थे। लेकिन इसके बाद उनकी संपत्ति इतनी तेजी से बढ़ी कि दौलत का पूरा पहाड़ खड़ा हो गया। रामास्वामी की नेटवर्थ बढ़कर अब 1.8 अरब डॉलर हो गई है।
विवेक रामास्वामी की संपत्ति में यह उछाल ऐसे समय आया है, जब उन्होंने ओहायो गवर्नर पद की दौड़ में शामिल होने की घोषणा की है। यहां से देखें तो लगता है कि उनकी दौलत में रिकॉर्ड उछाल की वजह कहीं न कहीं उनका राजनीति करियर है। हालांकि, सच्चाई इससे विपरीत है। रिपोर्ट बताती है कि विवेक रामास्वामी की पुरानी फार्मास्यूटिकल कंपनी रोइवेंट साइंसेज की आर्थिक मजबूती उनकी नेटवर्थ में उछाल की वजह है। दरअसल, इस कंपनी की वैल्यूएशन तेजी से बढ़ी है और इसके चलते विवेक की संपत्ति भी बढ़ रही है।
रामास्वामी ने इस कंपनी की स्थापना 2014 में की थी और इसी साल उन्हें फोर्ब्स की 30-अंडर-30 लिस्ट में शामिल किया गया था। रोइवेंट साइंसेज की नींव रखने से पहले विवेक हेज फंड QVT में नौकरी करते थे। यहां वह फार्मा इन्वेस्टमेंट में एक्सपर्ट की भूमिका निभा रहे थे। कारोबारी दुनिया में रामास्वामी को कई उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। बाद में उन्होंने कंपनी में अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच थी। साल 2021 में उन्होंने CEO का पद छोड़ दिया और रोइवेंट के चेयरमैन बन गए।
2023 की शुरुआत में विवेक ने राजनीति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कंपनी के बोर्ड से खुद को अलग कर लिया। इस दौरान, उन्होंने एक अन्य कंपनी Telavant में अपनी हिस्सेदारी स्विस ड्रग कंपनी Roche को 7.1 अरब डॉलर में बेच दी। विवेक रामास्वामी ने अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई रखा। उन्होंने कई अलग-अलग कंपनियों में निवेश किया और अपनी हिस्सेदारी बेचकर मोटा मुनाफा कमाते रहे। फोर्ब्स के मुताबिक, भारतीय मूल के इस अरबपति के पास Chapter नामक स्टार्टअप में भी हिस्सेदारी है। यह स्टार्टअप सीनियर सिटीजन को मेडिकेयर में मदद करता है। ब्लूमबर्ग ने अप्रैल में बताया था कि कंपनी ने करीब 1.5 अरब की वैल्यूएशन पर सीरीज D फंडिंग में 75 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि रामास्वामी की हिस्सेदारी लगभग 100 मिलियन डॉलर (6.7%) की है।
विवेक रामास्वामी 2024 में अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में खड़े हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस लेकर डोनाल्ड ट्रम्प का समर्थन किया। जब ट्रम्प ने अमेरिकी सत्ता संभाली, तो उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) में शामिल किया गया। हालांकि, ओहायो के गवर्नर पद की दौड़ में शामिल होने के लिए उन्होंने DOGE से खुद को अलग कर लिया। विवेक की शादी अपूर्वा तिवारी से हुई है, जो एक सर्जन हैं। ओहायो के गवर्नर का चुनाव अगले साल होना है और विवेक रामास्वामी की जीत लगभग तय मानी जा रही है।