
Meta ने कर्मचारियों को छंटनी के मेल भेजना शुरु कर दिए हैं। (PC: AI)
Global Tech Layoffs: Meta ने अपने दुनियाभर के ऑफिसों से छंटनी की प्रक्रिया शुरु कर दी है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में काम करने वाले मेटा के कर्मचारियों को स्थानीय समय के हिसाब से सुबह 4 बजे ही छंटनी के मेल मिलना शुरु हो गए थे। AI के बढ़ते उपयोग और उसमें होने वाले अरबों के निवेश के चलते दुनियाभर की कंपनियां अपने कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। इसी क्रम में Meta के साथ TCS और Starbucks ने भी हजारों कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया है। टेक कंपनियों में लेऑफ का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। Layoffs.fyi के डेटा के मुताबिक साल 2026 में 147 कंपनियों ने 1,11,173 नौकरियों में कटौती की घोषणा की है।
फेसबुक की पैरेंट कंपनी Meta ने करीब 8,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सिंगापुर Meta के एशिया में स्थित सबसे बड़े हब में से एक है। यह छंटनी इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ऑपरेशंस और सपोर्ट डिपार्टमेंट में हो रही है। मार्च 2026 के अंत तक Meta के पास करीब 80,000 कर्मचारी थे। इनमें से लगभग 7,000 को पहले ही नई AI- फोकस डिविजन में शिफ्ट किया जा चुका है। इससे पहले CEO मार्क जुकरबर्ग ने year of efficiency के तहत 2022 से अब तक Meta में 20,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दी हैं।
भारत की बड़ी IT कंपनी Tata Consultancy Services यानी TCS भी इस लहर से अछूती नहीं है। Mint की रिपोर्ट के मुताबिक TCS ने अपने मैनेजर्स को निर्देश दिए हैं कि वे कम से कम 5 फीसदी वर्कफोर्स को Band D यानी सबसे कम परफॉर्मेंस कैटेगरी में रखें। अभी तक करीब 17,500 कर्मचारियों को यानी करीब 3 फीसदी वर्कफोर्स को अंडरपरफॉर्मर की कैटेगरी में डाला जा चुका है। TCS के कुल कर्मचारियों की संख्या अभी करीब 5,84,519 है। इससे पहले TCS ने करीब 2 फीसदी यानी लगभग 12,200 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा गया था।
कॉफी की दुनिया की बड़ी कंपनी Starbucks भी इस छंटनी की दौड़ में पीछे नहीं है। CNBC की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अमेरिका में 300 कॉर्पोरेट नौकरियां खत्म करने की घोषणा की है। इसके साथ ही कुछ रीजनल सपोर्ट ऑफिस भी बंद किए जाएंगे। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह छंटनी कॉफीहाउस में काम करने वाले कर्मचारियों पर लागू नहीं होती।
Starbucks के प्रवक्ता ने कहा कि यह Back to Starbucks स्ट्रेटेजी का हिस्सा है। कंपनी फोकस्ड तरीके से काम करना और लागत घटाना चाहती है। इससे पहले फरवरी 2025 में 1,100 नौकरियां गई थीं और उसके सात महीने बाद 900 और नौकरियां कटी थीं।
दुनियाभर की कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर रही हैं। TCS जैसी भारतीय दिग्गज कंपनी का इसमें शामिल होना यह संकेत देता है कि AI की यह लहर भारतीय IT सेक्टर को भी तेजी से बदल रही है। कंपनियां अब efficiency और profit पर फोकस कर रही हैं। लाखों भारतीय IT प्रोफेशनल्स को अब इस बात पर ध्यान देना होगा और स्कील अपग्रेड करनी होगी।
Published on:
20 May 2026 01:36 pm
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