Why Share Market Fall Today: शेयर बाजार में आज सोमवार को भारी गिरावट देखी जा रही है। एफआईआई की लगातार बिकवाली से निवेशकों का मनोबल कमजोर है। साथ ही तीसरी तिमाही के नतीजे भी कमजोर रहे हैं।
Why Share Market Fall Today: भारतीय शेयर बाजार में आज हफ्ते के पहले कारोबारी दिन जबरदस्त गिरावट देखी जा रही है। कमजोर वैश्विक संकेतों और मुनाफावसूली के दबाव में बाजार में सभी सेगमेंट में भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी 50 दोनों करीब एक फीसदी तक टूट गए। रिलायंस, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर अपने तिमाही नतीजों के बाद बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डालते नजर आए। इस बिकवाली से निवेशकों को कुछ ही देर में 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
सोमवार सुबह सेंसेक्स करीब 700 अंक या 0.80 फीसदी गिरकर 82,898.31 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी-50 भी लगभग 0.80 फीसदी गिरकर 25,494.35 तक फिसल गया। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी एक फीसदी तक टूट गई। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर करीब 466 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में लगभग 468 लाख करोड़ रुपये था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि 1 फरवरी से डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड्स और फिनलैंड से अमेरिका को होने वाले सभी निर्यात पर 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। इसके अलावा 1 जून से यह टैरिफ बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया जाएगा और तब तक लागू रहेगा, जब तक यूरोपीय देश अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं दे देते। इससे टैरिफ वॉर फिर से बढ़ गया है। यूरोपीय देश इस नई टैरिफ नीति पर कैसे प्रतिक्रिया देंगे, यह देखना बाकी है। हालांकि, यूरोपीय देशों की ओर से जवाबी कार्रवाई लगभग तय है।
भारतीय कंपनियों के अब तक आए तीसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे हैं। उम्मीद के मुताबिक मजबूत सुधार देखने को नहीं मिला। आईटी और बैंकिंग जैसे बड़े सेक्टरों के नतीजों में केवल मामूली बढ़त देखने को मिली, जिससे बाजार का भरोसा मजबूत नहीं हो सका। अमेरिकी टैरिफ की आशंका और भू-राजनीतिक तनाव के बीच कमजोर नतीजों ने निवेशकों की धारणा पर दबाव बना दिया और बाजार में गिरावट तेज हो गई।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली शेयर बाजार के लिए बड़ी बाधा बनी हुई है। जनवरी महीने में अब तक एफआईआई ने कैश सेगमेंट में 22,000 करोड़ रुपये से अधिक के भारतीय शेयर बेच दिए हैं। एफआईआई पिछले साल जुलाई से लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।
16 जनवरी तक जनवरी महीने में एफआईआई की कुल बिकवाली 22,529 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। इस महीने केवल एक दिन को छोड़कर बाकी सभी कारोबारी दिनों में एफआईआई बिकवाल रहे हैं। 2026 की शुरुआत में भी भारत का प्रदर्शन दूसरे बड़े बाजारों के मुकाबले कमजोर बना हुआ है। साल की शुरुआत से अब तक निफ्टी का रिटर्न -1.73 फीसदी रहा है।