Why Share Market Rise Today: अमेरिका-ईरान युद्ध में नरमी की उम्मीदों के चलते बाजार में सकारात्मक माहौल है। ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर अपने सैन्य हमले रोक सकता है।
Why Share Market Rise Today: भारतीय शेयर बाजार में आज बुधवार को जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 1815 अंक की बढ़त के साथ 73,762 पर खुला। शुरुआती कारोबार में भी यह 1862 अंक की बढ़त के साथ 73,809 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। सेंसेक्स पैक के सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड करते दिखाई दिए। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी इस समय 2.49 फीसदी या 556 अंक की बढ़त के साथ 22,894 पर ट्रेड करता दिखाई दिया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों को करीब 13 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ है।
सेंसेक्स पैक के शेयरों में आज सबसे अधिक तेजी इंडिगो में 7.88 फीसदी, ट्रेंट में 6.69 फीसदी, बीईएल में 6.69 फीसदी, अडानी पोर्ट्स में 4.86 फीसदी, टीसीएस में 4.41 फीसदी, बजाज फाइनेंस में 4.07 फीसदी और एक्सिस बैंक में 3.69 फीसदी की तेजी देखने को मिली। इसके अलावा, लार्सन एंड टुब्रो, इटरनल, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस, मारुति, टाटा स्टील, टाइटन, एसबीआई, एचसीएल टेक, एशियन पेंट, एचडीएफसी बैंक, रिलायंस, टेक महिंद्रा, आईटीसी, कोटक बैंक के शेयर भी अच्छी तेजी के साथ ट्रेड करते दिखे।
शुरुआती कारोबार में सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। निफ्टी ऑटो में 3.22 फीसदी, निफ्टी आईटी में 3.63 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 3.68 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.82 फीसदी, निफ्टी मेटल में 3.61 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 1.65 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 3.16 फीसदी, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 2.40 फीसदी, निफ्टी रियल्टी में 2.80 फीसदी और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.50 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने के संकेतों से बाजारों में राहत और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वॉशिंगटन अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान पर अपने सैन्य हमले रोक सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए तेहरान को किसी समझौते (डील) को पूर्व शर्त के रूप में मानने की जरूरत नहीं है। 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतें कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। इससे वैश्विक आर्थिक विकास, महंगाई और बाजार की धारणा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, 'ईरानी अधिकारियों के बयानों से युद्ध में नरमी के संकेत मिल रहे हैं। ईरान के राष्ट्रपति का युद्ध खत्म करने के लिए खुलापन और ईरान के विदेश मंत्री का यह कहना कि ‘अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है’, इस बात की ओर इशारा करता है कि युद्ध जल्द खत्म हो सकता है। बाजार इस डी-एस्केलेशन को वास्तविक घटनाक्रम से पहले ही कीमतों में शामिल करना शुरू कर सकता है।”
वैश्विक शेयर बाजारों में दिखी मजबूती का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 7% से ज्यादा उछला। जबकि जापान का निक्केई और ताइवान के बाजार करीब 4% तक चढ़े। इसके पीछे भूराजनैतिक तनाव में कमी और मार्च के उम्मीद से बेहतर मैक्रोइकोनॉमिक डेटा को प्रमुख वजह माना जा रहा है। वहीं, रातोंरात अमेरिकी बाजारों में भी तेज तेजी देखने को मिली। नैस्डैक 4% उछला। जबकि एसएंडपी 500 में 3% की बढ़त दर्ज की गई। इसकी वजह भी अमेरिका-ईरान संघर्ष के खत्म होने की उम्मीद रही।
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे फिसल गया। जबकि अमेरिका की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड घटकर 4.293% पर आ गई। डॉलर और बॉन्ड यील्ड में गिरावट भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे विदेशी पूंजी निवेश (FII inflows) बढ़ने की संभावना मजबूत होती है।
निफ्टी 50 मार्च में 11.3% टूट गया, जिससे यह लगातार चौथे महीने गिरावट में रहा। इस तेज गिरावट के बाद बाजार की वैल्यूएशन लंबे समय के औसत स्तर के करीब पहुंच गई है, जिससे कई ब्लू-चिप शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो गए हैं। पश्चिम एशिया के तनाव में कमी के संकेतों से बाजार की धारणा सुधरने के बीच निवेशक अब वैल्यू बाइंग करते नजर आ रहे हैं, ताकि संभावित बाजार तेजी का फायदा उठाया जा सके।
तकनीकी मोर्चे पर भी बाजार को मजबूती मिली। निफ्टी 50 ने 22,700–22,800 के अहम रेजिस्टेंस जोन को पार किया और सत्र के दौरान 22,900 के स्तर को फिर से हासिल कर लिया। चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर के मुताबिक, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,150–22,200 और रेजिस्टेंस 22,700–22,800 है।