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Why Share Market Rise Today: सेंसेक्स में आज क्यों आई 3000 अंक की जबरदस्त तेजी? इन 5 पॉइंट्स से समझिए

Why Share Market Rise Today: कच्चे तेल की कीमत आज 15 फीसदी गिर गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर से निवेशकों को काफी राहत मिली है। इससे बाजार उछल गया है।

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Apr 08, 2026
शेयर बाजार भारी बढ़त लेकर बंद हुआ है। (PC: AI)

Why Stock Market Rise Today: भारतीय शेयर बाजार आज बुधवार को भारी-भरकम बढ़त लेकर बंद हुआ है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स आज 3.95 फीसदी या 2946 अंक की जबरदस्त बढ़त के साथ 77,562 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी आज 3.78 फीसदी या 873 अंक की बढ़त के साथ 23,997 पर बंद हुआ। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स पैक के 30 शेयरों में से 27 शेयर हरे निशान पर और 3 शेयर लाल निशान पर थे। अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते की सीजफायर डील के चलते मार्केट में यह तेजी दर्ज हुई है।

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ऑटो और रियल्टी स्टॉक्स सबसे अधिक उछले

सेक्टोरल सूचकांकों की बात करें, तो आज सबसे अधिक तेजी निफ्टी ऑटो में 6.78 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 6.76 फीसदी दर्ज हुई है। इसके अलावा, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 5.58 फीसदी, निफ्टी पीएसयू बैंक में 5.56 फीसदी, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 25/50 में 5.45 फीसदी, निफ्टी एफएमसीजी में 1.52 फीसदी, निफ्टी आईटी में 0.54 फीसदी, निफ्टी मीडिया में 2.83 फीसदी, निफ्टी मेटल में 2.70 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 0.57 फीसदी, निफ्टी हेल्थकेयर में 0.62 फीसदी, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 5.31 फीसदी और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 3.71 फीसदी की तेजी दर्ज हुई है।

क्यों आई मार्केट में तेजी

  1. अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि वाशिंगटन दो सप्ताह के लिए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। ईरान ने भी इस युद्धविराम योजना को स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा, शुक्रवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होगी। बाजार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में पश्चिम एशियाई युद्ध की समाप्ति की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार के अनुसार, इस युद्धविराम और हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के फिर से खुलने की संभावना ने बाजार का परिदृश्य बदल दिया है, जिससे 'बुल्स' (तेजड़िए) फिर से हावी हो रहे हैं।

  1. कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट

ब्रेंट क्रूड की कीमतें 14% गिरकर 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं, जिससे शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना। कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से सुचारू होने की उम्मीद ने भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दी है। तेल की कीमतों में गिरावट से भारत की विकास दर में सुधार होगा, मुद्रा को मजबूती मिलेगी और विदेशी पूंजी निवेश (FPI) की संभावनाएं बढ़ेंगी।

  1. डॉलर में गिरावट और रुपये में उछाल

तनाव कम होने से डॉलर इंडेक्स 1% से अधिक गिरकर 98.69 पर आ गया। वहीं, भारतीय रुपया बुधवार को 41 पैसे की मजबूती के साथ 92.58 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। रुपये की मजबूती विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) को भारतीय शेयरों में खरीदारी के लिए प्रेरित कर सकती है।

  1. सकारात्मक वैश्विक संकेत

युद्धविराम की खबर के बाद एशियाई बाजारों (कोस्पी और निक्केई) में 6% तक और यूरोपीय बाजारों (CAC, DAX, FTSE) में 4% तक की तेजी देखी गई। डॉव जोन्स फ्यूचर्स में भी 3% का उछाल रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धविराम एशियाई बाजारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

  1. आरबीआई ने ब्याज दरें स्थिर रखीं

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट को 5.25% पर अपरिवर्तित रखा और अपना रुख 'न्यूट्रल' बनाए रखा। इंडियाफर्स्ट लाइफ की मुख्य निवेश अधिकारी पूनम टंडन के अनुसार, नीतिगत दरें स्थिर रहने से विकास, इक्विटी और बॉन्ड बाजार को समर्थन मिलेगा।

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Published on:
08 Apr 2026 04:25 pm
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